हां !मैं हाउस वाइफ हूं! – ज्योति आहूजा

 “कार्तिक उठो बेटा। उठो बच्चे। 6:30 बज गए। स्कूल नहीं जाना क्या? “मां भूमिका ने बेटे कार्तिक को आवाज लगाई। “उसे उठाकर बाथरूम में फ्रेश होने भेज दिया और खुद किचन में जाकर उसका नाश्ता और स्कूल का टिफिन तैयार करने लगी। उसके बाद कार्तिक के कुछ और छोटे-मोटे कामों को निपटा कर उसे स्कूल … Read more

किसे होना चाहिये शर्मसार – संगीता त्रिपाठी

“वो देखो अमित की मम्मी को देखो, कितनी अजीब सी लगती हैं,”नील के ये कहते ही बच्चों के एक झुण्ड के साथ उनकी मॉर्डन ड्रेस पहने मम्मियों की निगाहें अमित की मम्मी पर पड़ीं, व्यंग की मुस्कान सबके चेहरे पर आ गई। बॉर्डर वाली साड़ी, तेल से चिपके बाल, माथे पर गोल बड़ी बिंदी, होठों … Read more

गहने भी भला कभी उतरन होते हैं क्या!!! – सविता गोयल

” क्या दे दिया तेरी मां ने आज तुझे ??”  पलक के हाथों में थैला देखकर  सुधा जी ने चश्में के नीचे से झांकते हुए पूछ लिया। हिचकते हुए पलक ने थैले में से निकालकर एक साड़ी अपनी सास सुधा जी के सामने रख दी।  साड़ी को उलट पुलट कर देखते ही सुधा जी की … Read more

बूढ़ी घोड़ी, लाल लगाम – सोनिया कुशवाहा

“बहन जी देखा आपने अंजू को?” मिसेज़ कुमार ने मिसेज़ सक्सेना से पूछा। “हद हो गई भई, दोनों बेटियों की शादी क्या हुई ये दोनों मिया बीवी को तो पर ही लग गए। जमीन पर पैर ही नहीं टिकते इनके। ना शर्म है ना उम्र का लिहाज।” इस बार  मिसेज़ पांडेय ने जुमला उछाला। “छोड़ो, … Read more

दो कुँवारे हुए एक – संगीता अग्रवाल

“अरे यार ये गाड़ी के ब्रेक क्यो नहीं लग रहे लगता है आज तो यमराज से साक्षात् दर्शन होंगे !” रागिनी स्कूटी चलाते हुए बड़बड़ाई। ” ओ मैडम , मैडम देख क…!” इससे पहले की सामने से आती गाड़ी मे बैठे शख्स का वाक्य पूरा होता रागिनी की स्कूटी एक पेड़ से टकरा गई और … Read more

बहू मुझे जाने के लिए मत कहना… – रश्मि प्रकाश

“ नमस्ते मम्मी जी , आप कब आ रही है..?” कृतिका ने सासु माँ रत्ना जी से पूछा. “ बहू अभी तो मेरी तबियत ठीक नहीं चल रही है… ठीक होते ही खबर करूँगी फिर रितेश से कह कर टिकट करवा देना..।” कराहती सी आवाज़ में रत्ना जी ने कहा. “ ओहह…. सोच रही थी … Read more

वक्त करता जो वफ़ा –  सुषमा यादव

शुभा जब जब बाहर धूप सेंकने अपने आंगन में बैठती,तब तब उसके पड़ोस में रहने वाले दो बुजुर्ग पति पत्नी आपस में खूब प्रेम से हंसते बतियाते रहते। दोनों खूब देर तक धूप में बैठते,पति अपनी पत्नी को अखबार से समाचार पढ़ कर प्रतिदिन सुनाते, कुछ हास्य व्यंग भरी खबरें भी सुनाते,जिसे सुनकर दोनों खूब … Read more

प्रायश्चित – पुष्पा जोशी

सुनीता जी बड़ी खुश थी और उनकी खुशी का कारण यह था कि उनके छोटे बेटे अमित का विवाह बहुत अच्छे ढंग से हो गया था और वह पिछले कुछ दिनों से अमित की शादी की वजह से बहुत ही व्यस्त थी।सारे रिश्तेदार भी खुशी-खुशी जा चुके थे और लड़की वालों ने भी बारातियों का … Read more

यह तो वक्त ही बताएगा कि बहुएं हसाएंगी यां रुलाएंगी  – गीतू महाजन

सुनीता जी बड़ी खुश थी और उनकी खुशी का कारण यह था कि उनके छोटे बेटे अमित का विवाह बहुत अच्छे ढंग से हो गया था और वह पिछले कुछ दिनों से अमित की शादी की वजह से बहुत ही व्यस्त थी।सारे रिश्तेदार भी खुशी-खुशी जा चुके थे और लड़की वालों ने भी बारातियों का … Read more

वक्त़  –   अनामिका मिश्रा

राधिका और राहुल एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। राधिका की राहुल से अच्छी दोस्ती थी और राधिका दिल ही दिल में उसे चाहने लगी थी। राधिका एक साधारण सी लड़की थी कॉलेज में रितिका नई नई आई थी। बड़े घराने की थी,अलग ही दिखती थी रितिका। धीरे-धीरे राधिका ने देखा राहुल रितिका की ओर … Read more

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