एक प्रेम ऐसा भी,,,,,, –  मंजू तिवारी

 यूपी में दादा दादी को कई घरों में अम्मा और बाबा भी कहा जाता है। तो अम्मा बाबा के सच्चे प्रेम को शब्दों में बांधने का असफल प्रयास कर रही हूं। क्योंकि उनका प्रेम शब्दों से परे है।,,,, अम्मा का भरा पूरा परिवार पांच बहुएं पांच लड़के और एक बिटिया दामाद ,,,घर नाती पोतों से … Read more

निश्चल प्रेम – दीपा माथुर

अरे बिटिया चोट तो नही आई निर्मला जी ने पांच वर्षीय नेहा को उठा कर कपड़े झाड़ते हुए कहा। नेहा ने रोते रोते अपने हाथो की कोहनी सामने कर दी। खून बह रहा था। अरे कुछ नही देखो तो तुम्हारे तो जरा सा खून निकला और तुम्हारे गिरते ही कितनी चिटिया मर गई। और कहते … Read more

प्रेमभाव – रश्मि सिंह

तू बन जा गली बनारस की, मैं शाम तलक भटकू तुझमें तेरी बातें चटपट चाट सी हैं, तेरी आँखें गंगा घाट सी हैं, मैं घाट किनारे सो जाऊं…. फिर सुबह सुबह जागूं तुझमें। ये गीत सुनकर बनारस की गलियों में भ्रमण करने का मन कर जाता है। यही गीत कुछ दिन पहले मैं यूँही गुनगुना … Read more

दीदी तेरा देवर दिवाना !! – स्वाती जैंन

शिवानी को कॉलेज से घर लौटते वक्त यह एहसास हुआ कि कोई उसका पीछा कर रहा है, जैसे ही उसने पीछे देखा एक लड़का उसके पीछे से आया और बोला हेलो क्या आप मुझसे दोस्ती करोगी ?? शिवानी को बहुत गुस्सा आया वैसे भी वह ऐसे मनचले लड़कों से बहुत परेशान थी जो मुंह उठाए … Read more

” अपशकुन ” –   माधुरी भट्ट

पूरे घर में ख़ुशी का माहौल है। आज घर की लाडली पुनीता की हल्दी की रस्म अदायगी है। घर की महिलाएँ और लड़कियाँ सजधजकर तैयार हैं।उन्हें देखकर लग रहा है मानो स्वर्ग की अप्सराएँ धरा पर उतर आई हों। ख़ूब चुहलबाजियों का दौर चल रहा है।पुनीता की बुआ रश्मि , जो पिछले साल ही अपने … Read more

ढाई आखर प्रेम का..!'(प्रथम भाग) – डॉ.कुमार अनुभव

…पिछले साल वैलेंटाइन सप्ताह में कच्ची उम्र के किशोर-किशोरियों से लेकर अस्सी उम्र के बुजुर्ग दंपतियों को प्रेम के ढाई आखर शब्द को बुदबुदाते हुए मैंने भी विचार किया कि अगले साल किसी को दिल देकर देखा जाये।असल में मेरी त्वचा से मेरी उम्र का पता ही नहीं चलता!लेकिन इन सफेद बालों का क्या करूँ … Read more

प्रेम दिल से दोस्ती  सबक – रचना कंडवाल

रुचिका और श्रेया दोनों बचपन की सखियां थीं। बचपन में दोनों एक साथ पढ़े खेले खाना पीना एक दूसरे के घर आना जाना दोनों के बीच में एक परिवार जैसा संबंध था। वक्त बीता दोनों का विवाह कुछ अंतराल में हो गया। श्रेया का विवाह अपने ही शहर में हुआ। परन्तु रूचिका विवाह कर दूसरे … Read more

चौकलेट डे  – मीनाक्षी सिंह

मोहिनी अपने पतिदेव का बेसब्री  से इंतजार कर रही थी ! सोच रही थी आज चौकलेट डे हैँ तो जैसे शादी से पहले उसके लिए उसके पतिदेव निखिल चौकलेट और गुलदस्ता लेकर आते थे वैसे ही लेकर आयेंगे ! वैसे भी निखिल को पता हैँ कि मोहिनी को डेयरी मिल्क की सिल्क वाली चौकलेट कितनी … Read more

पहला प्यार – भगवती सक्सेना गौड़

दिल्ली की जबरदस्त ठंड में भावना दोपहर को भी रजाई में घुसी थी, उम्र भी दस्तक देकर समझा रही थी, चौकस रहो, कई बीमारियों के सर्टिफिकेट धारण कर चुकी हो। तभी टेबल पर रखा मोबाइल घनघना उठा, अब मजबूरी थी, हाथ बाहर निकाला जाए।  “हेलो, कौन बोल रहा है ? “ “पहचानो” “अरे वाह, प्रेम … Read more

ऐसा भी मां बेटी का प्रेम भरा एहसास ” – अमिता कुचया

मां एक शब्द ही नहीं बल्कि वह ऐसा एहसास है जिसे केवल महसूस कर सकते हैं जब हम कोई परेशानी में होते हैं हमें मां की याद आती है तो हमें लगता कि मां को कोई भी बात  कब बता दें।यही हाल बचपन से बड़े तक निर्मला का था।उसे छोटी सी चोट लगती तो वह … Read more

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