मैं माँ हूँ – विभा गुप्ता
” क्या अम्मा जी, परेश कोई बच्चे हैं जो आप उनकी राह तकती रहती हैं,आ जायेंगे।आप जाकर सो जाइये।” दीपा ने अपनी सास से कहा जो अपने बेटे के आने का इंतज़ार कर रहीं थीं। ” बहू, बेटा कितना ही बड़ा हो जाये,माँ के लिए तो वह बच्चा ही रहता है।परेश बाहर भटकेगा तो मेरी … Read more