“दोस्त या दुश्मन!” –  सुनीता मौर्या “सुप्रिया” : Moral Stories in Hindi

“राज की बात कह दूँ तो जाने महफिल में फिर क्या हों?” धर्मा फिल्म की कव्वाली की ये लाईन गाते हुए शिखर हॉस्टल के रुम में दाखिल हुआ।  उसका रुममेट सचिन किसी ध्यान में मग्न था…ये गाना सुनकर एकदम  घबरा सा गया…जैसे शिखर उसके ही किसी गहरे राज की बात खोलने के बारे मे कह … Read more

राज खोलना – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आज जानकीदास इमरजेंसी लेबर रूम के बाहर चिन्ता जनक मुद्रा में बैठे थे। अन्दर उनकी पत्नी पार्वती की डिलीवरी जो होने वाली थी। तभी डाक्टर बहार आकर बताती है देखिए जानकी जी मैंने आपको पहले ही बता दिया था ये केश बहुत की उलझनों से भरा है इसमें ऐसा भी हो सकता हमें बच्चे या … Read more

बेटी एक गहना – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

वर्षा देख तो जरा बाहर जा कर.. तेरे पापा अभी तक नहीं आए,मुझे बड़ी फिक्र हो रही है। आ जाएंगे मां.. आप यूं ही परेशान हो रही हैं। आपको तो पता है न कि वह किस काम से गए हैं ऐसे कामों में तो देर हो ही जाती है। पता है बेटा लेकिन इस बार … Read more

“एक सास का सपना” – माधवी मूंदरा : Moral Stories in Hindi

इंदु एक होशियार और मेहनती चार्टर्ड अकाउंटेंट थी। शादी के बाद वह अपने करियर और घर के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष कर रही थी। सुबह ऑफिस के लिए जल्दी उठना, फिर घर के सारे काम निपटाना और समय पर ऑफिस पहुंचना — यह सब उसके लिए बेहद थकाऊ हो गया था।उसे लगने लगा था … Read more

राज़ खोलना – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

विनिता ने, चुपचाप किसी को कुछ भी बताये बग़ैर अपने दोस्त के साथ एक योजना बनाई।जब  वह अपने दोस्त के साथ बैठी हुई बातें कर रही थी। तब उन दोनों के पीछे उसका छह साल का बेटा वहीं पर सो रहा था। विनीता ने अपने दोस्त से, एक ‘केक’ लाने के लिए कहा था। तभी … Read more

देवरानी के सपनो का आशियाना !! – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

देवरानी नीलू के नए घर को देखकर जेठानी माया की आंखों से टपटप आंसू बह पड़े मगर उसने तुरंत अपने आंसुओं को छुपाते हुए कहा – नीलू बहुत अच्छा काम करवाया हैं घर में , तुम्हारा घर बहुत प्यारा हैं और कम से कम तुम इस घर को अपने सपनों का घर तो कह सकती … Read more

जितनी चादर उतने पैर फैलाना – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“आज फिर कुछ नया सामान… ये रोज़ रोज़ नया सामान… कभी छोटे की जगह बड़ा फ्रीज, कभी बड़ी टीवी तो कभी नया सोफ़ा… सब फ्री में आ रहा है ? या कोई लॉटरी लग गई देवर जी की इतने पैसे कहां से आए सुधीर ? देवर जी कुछ गलत काम तो नहीं कर रहे?” आज … Read more

वापसी। – अभिलाषा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“बूढ़ी सास के साथ यह कैसे, कर सकतीं हो तुम शुभी “ जेठ जी ने कड़क लहजे में कहा वही अम्मा डबडबाई आंखों से बोलीं “क्या गलत है अगर यहाँ रहना चाहतीं हूँ तो आखिर अमन छोटा बेटा हैं मेरा” “हाँ अम्मा तूं मेरे पास रहेगी” अमन ने अम्मा के हाथ थामते हुए बोला और … Read more

हेयर ड्रायर – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  हम लड़कियाँ जब स्कूल से काॅलेज़ में आते हैं..फ़्राॅक से एकाएक सलवार-सूट परिधान में खुद को बहुत बड़ा और फ़ैशन की सभी वस्तुओं का उपयोग करने के काबिल समझने लगते हैं।मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था।मेरी अलमारी के रैक पर किताब- कपड़ों के साथ-साथ सेंट और नेलपाॅलिश की शीशियाँ भी नजर आने लगीं … Read more

राज खोलना – -परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रानी खूब खुश थी कारण अपने श्वसुर को नौकर बना रखा था। अकेला बेटा इसका पति है सो जैसा चाहेगी वही करेगी,मगर दांव उल्टा पड़ गया। रानी का पति जवाहर एक दफ्तर में बाबू था और रानी उसके सामने श्वसुर से अच्छा व्यवहार करती थी और जाते ही- अबे बुढ ऊं, झाड़ू ठीक से … Read more

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