मायके ससुराल – अंजूओझा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शुभ्रा बहू जरा आओ ना मेरे कमरे में , आवाज देती हैं सास अनिता , जी मम्मी जी कहिए, बहू मेरे भतीजे गौरव की शादी है  दो दिन बाद जाना है और तुरंत से गिफ्ट खरीद पाना संभव नहीं , इसलिए तुम्हारी माँ ने तीज में जो पायल और लाल … Read more

तपस्या – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :    मंच पर उद्घोषक महोदय ने जैसे ही संजीव का नाम पुकारा, पूरा हाॅल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।सिविल सेवा की परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संजीव ने अपने परिवार का ही नहीं, ज़िले का भी नाम रोशन किया था।इसी खुशी में शहर के एक प्रतिष्ठित सभागार में … Read more

उधार की खुशियां – मुकेश पटेल  : Moral Stories in hindi

श्वेता के घर मे पैसे की कोई कमी नहीं थी मम्मी-पापा डॉक्टर थे फिर भी घर मे रोज लड़ाई होती थी बात इतनी बढ़ी की तलाक तक आ पहुंची, अपनी मम्मी-पापा की लड़ाई देखकर उसने फैसला किया की वो कभी शादी नहीं करेगी लेकिन उसे अपना फैसला बदलना पड़ा  क्यों आइये कहानी सुनते हैं।  श्वेता … Read more

सिद्धांतो की पूंजी- लतिका श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अनुराग जी ने अपना सारा सामान बांध लिया था सामान के नाम पर ऐसी कोई भारी पूंजी उनके पास नही थी दो सूटकेस ही तो थे…जाना ही पड़ेगा यहां से …उनके सिद्धांत ही तो उनकी जिंदगी की पूंजी थे जिनके साथ समझौता वह नही कर सकते थे…आज बात ही ऐसी … Read more

सहानुभूति नहीं अनुभूति चाहिए- शुभ्रा बैनर्जी: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : एक शिक्षक का सारा दिन एक कक्षा से दूसरी कक्षा,एक पीरियड से दूसरे पीरियड में ही बीत जाता है।काम तो जैसे ख़त्म ही नहीं होते।कभी पाठ्यक्रम पूरा करने का भय,कभी कॉपियां जांचना,कभी कक्षा में हो रहे मसले सुलझाना।एक ही काम हर साल करतें हैं शिक्षक,और हर साल स्वयं से यह … Read more

अरमान – अर्पणा कुमारी: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : रात के डेढ़ बजे, मेरी नींद फोन की घंटी से खुल गई। फोन लगातार बज रहा था, मैं उठ गई पर थकान से आंखें खुल नहीं रही थी, सच में आज का दिन बहुत ज्यादा व्यस्तता भरा रहा। मैं पेशे से डॉक्टर हूं, इसलिए मेरे लिए दिन-रात, सब बराबर है। … Read more

* कर्मों का परिणाम* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

 जमाधवी जी के दो बेटे थे। दोनों की नौकरी लग गई थी, वे शादी लायक हो गए थे। माधवी जी की  हार्दिक इच्छा थी, कि लड़को का विवाह उनकी बिरादरी में हो। उन्हें लगता था, कि गैर समाज में अगर बेटो की शादी हुई तो उनकी नाक कट जाएगी, इज्जत धूल में मिल जाएगी। बड़े … Read more

धब्बा लगाना – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

“सरिता, यह तुमने क्या किया? अपनी दुध मुंही बच्ची को मंदिर के पीछे  छोड़कर आ गई हो। शर्म आनी चाहिए तुम्हें।” लक्ष्मी देवी अपनी बेटी को बहुत डांट रही थी।   सरिता-“मां, आप मुझे मत सिखाओ। मुझे जब डॉक्टर ने बताया कि वह आगे चलकर मानसिक रूप से कमजोर रहेगी। तो मैं उसका क्या करती। हमारे … Read more

अनकहे अरमान – शुभ्रा बैनर्जी: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : वैसे तो राखी के त्पयोहार से पति का कोई संबंध नहीं होता,पर आज धैर्या को समीर की बहुत याद आ रही थी।जब से उसे छोड़कर गएं हैं,हर त्योहार मानो फीका सा पड़ गया है।त्योहार मनाने की उत्सुकता जितनी समीर में देखी थी उसने,उतनी किसी में नहीं।हर त्योहार के पहले ही … Read more

दुल्हन बनने का अरमान – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज दिव्या बहुत खुश थी। उसे देखने लड़के वाले आ रहे थे। बचपन से ही दिव्या को साड़ी और लहंगा पहनकर सजने सवरने का और दुल्हन बनने का बहुत शौक था। उसका दुल्हन बनने का एकमात्र अरमान था। पढ़ने लिखने में वह एक औसत छात्रा थी। उसका एक बड़ा भाई … Read more

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