झुमका – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : क्या बात है छोटी , जब से दिल्ली से आई है खोई खोई रहती है अपने आप हँसती है , मुस्कुराती है और बार-बार ये अपने कान के झुमके को क्यों छूकर शरमा जाती है , तू तो खेलने गई थी ना दिल्ली ? कौन सा खेल , खेल के … Read more

मैं प्रायश्चित कर रही हूं – डॉ.विभा कुमरिया शर्मा। : Moral Stories in Hindi

शांति का मन अशांत था और कुछ दिनों से उसकी बेटी की शिकायतें  करके रिश्तेदार उसे  परेशान कर रहे थे । शांति सोच रही थी कि हर रोज बेटी का बे- लगाम होते जाना अच्छा नहीं है । पैदा होते ही मर जाती तो कौन सा घाटा पड़ जाता दुनिया को । जरूरी तो नहीं … Read more

पूरे हुए अरमान – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अपने हाथों में फोन लिए निशिता की आंखें बहने लगी थी। उसकी आवाज रूंध  गई थी।  वह कुछ बोल ही नहीं पा रही थी। बड़ी मुश्किल से उसने कहा ” बेटा खुश रहो ।”उधर से पूरन उसे फोन कर बार-बार बोल रहा था.. मम्मी तुम ठीक हो ना!”  “बेटा ,मैं … Read more

“मर्यादित रिश्ते” – कविता भड़ाना: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : चीखने की तेज आवाज़ के साथ कई लोगों की निगाहें उसी ओर उठ गई, एक सुंदर सी महिला ने एक पुरुष को कालर से पकड़ा हुआ था और बेहद गुस्से में बोल रही थी.. “आखिर दिखा ही दिया ना तुमने अपना असली रंग, अपनी बीवी के होते हुए भी अपने … Read more

अम्मा की तेरहवीं – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : आज अम्मा की तेरहवीं है ।कुछ बाकी रीति रिवाज निभाने हैं मुझे ।फिर सब कुछ खत्म हो जायेगा ।मै उनका इकलौता बेटा हूँ ।मेरे सिवा  और कौन समझ सकता है उन्हे ।जब से होश संभाला है घर में तिरस्कार ही सहते देखा है ।मै छोटा सा था शायद सात या … Read more

काश ! माँ बाबूजी ज़िन्दा होते – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दरवाज़े पर लगी घंटी बजी… सुनते ही रसोई में काम करती प्रज्ञा ने ननद राशि को दरवाज़ा खोलने को कहा जो वही सोफे पर बैठ मजे से टीवी देख रही थी । “ क्या भाभी मेरा इतना अच्छा प्रोग्राम चल रहा है और…. ।” भुनभुनाती हुई राशि दरवाज़ा खोल कर … Read more

विकल्प – अमरपाल सिंह ‘ आयुष्कर ’ : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ऐसा नहीं था कि इस घर में पहले ऐसा पहाड़ न टूटा हो |रतन गया था |दस बरस पहले |बीती बात है, पर आज भी नई – सी  लगती है ,पुरानी नहीं पड़ी |अरे !पुरानी  पड़ेगी भी तो  कैसे ? सर्वजीत बाबू  की साँसें जो नहीं टूट रहीं , ऊपर … Read more

अभिलाषा – संगीता श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : वह किसी की परवाह नहीं करती। खूबसूरत, अल्हड़, हरफनमौला, मस्त मौला……. बेपरवाह……। लड़की होने का कोई गुण नहीं था उसमें। मां ने अभिलाषा नाम रखा था उसका! इस नाम से भी घर के लोगों को चिढ़ थी। दो लड़कियों के बाद उसका जन्म हुआ था। घर के सारे लोग नाक-भौंह … Read more

बुढ़ापे में बेटा हमारा सहारा बनेगा… मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : हर माँ बाप की तरह कौशिक के माँ बाप के भी अरमान थे कि बेटा अच्छे से पढ़ जायें … चाहे उसे पढ़ाने के लिए सब कुछ ही क्यूँ ना बेचना पड़े….फिर बुढ़ापे में बेटा हमारा सहारा बनेगा… करते भी क्या भानूजी पांच भाईयों में सबसे बड़े.. तीन बहनें …बस … Read more

मेरी कोठी मेरा अरमान” -रवीद्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कई बरस पहले मैं एक प्रभावशाली राजनैतिक मित्र के पास बैठा था। उसी समय उनके पास एक पैंतीस साल का एक युवक आया। उसने अपना परिचय दिया कि मैं आप के मित्र सिंगला साहब का बेटा हूँ। मंत्री जी ने उसे यथोचित सम्मान दिया और आने का कारण पूछा। उस … Read more

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