ज़ख्मो पर नमक छिड़कना : 10 Best Moral Stories in Hindi for Adults

समय का फेर – डाॅ उर्मिला सिन्हा “यह कुलच्छिनी जन्म लेते मां को खा गई फिर बाप को! इसके साये से भी दूर रहना चाहिए। “ताई दांत पीस -पीस कर कोसे जा रही थी। सब का लात मार के साथ जूठन खा अनाथ बालिका रमा जैसे-तैसे ताई ताऊ बुआ दादी के सहारे बड़ी हुई। उसपर … Read more

सुलक्षणा – रवीन्द्र कान्त त्यागी : moral stories for adults

आस पास के गांवों के किसान और रिआया की हालत देखी जाय तो चरण दास संपन्न और बड़े जमींदार माने जाते थे मगर गंगा किनारे बसे इस हर साल बाढ़ में डूबे रहने वाले इलाके के गांवों में, कुदरत के कहर के कारण विपन्नता ने पांव पसार रखे थे. बस खेती किसानी से गुजारा भर … Read more

विश्वासघात – शिप्पी नारंग : Emotional Hindi Stories

72 वर्षीय नवीन जी फटी फटी आंखों से अपने सामने बड़ा सा चाकू लहराते हुए अपने नौकर अशोक को देख रहे थे जो अपने साथी पवन, जो नवीन जी की 70 वर्षीय पत्नी निर्मला जी को पकड़ कर खड़ा था । नवीन जी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि 3 साल से उनका … Read more

सुधरती छवि – लतिका श्रीवास्तव : Emotional Hindi Stories

जैसे ही तुहीना ने उस सकरी गली में कदम बढ़ाया एक के बाद एक दो तीन चार अभद्र सीटियों की आवाजे तेज होने लगीं…सहम कर अपना दूसरा कदम उठा ही रही थी कि उन आवारा लड़कों ने एकदम समीप आकर उसे घेर लिया …एक ने तो धृष्टता पूर्वक उसका दुपट्टा भी पकड़ लिया। तुहिना की … Read more

मेरी भी कुछ ख्वाहिशें – डाॅ संजु झा : Heart touching story 

अंजु की जिन्दगी वैसे तो काफी व्यस्त रही है,परन्तु उम्र के पचासवें पड़ाव पर आकर एक बार फिर  से अपने अतीत का मंथन करने को मजबूर हो गई है।अब तक की जिन्दगी से उसने क्या खोया और क्या पाया,इसी का हिसाब लगाने बैठ गई। उसके मन में सवालों की जैसे झड़ी लग गई है वह … Read more

छुपा दुश्मन –  उषा शर्मा

निशा का बेटा  रवि और उसकी देवरानी रिचा की बेटी ईशा एक ही स्कूल में पढ़ने जाते । निशा सुबह जल्दी उठकर दोनों बच्चों के लिए टिफिन तैयार करती और फिर बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजती ।  निशा का बेटा बहुत चंचल है पढ़ने में भी होशियार और खेलने कूदने में सबसे आगे इसके … Read more

मास्टर जी – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

“मास्टर जी.. मास्टर जी…!!,” “क्या है पंडित जी…?,मास्टर दीनानाथ जीअपने हाथों में लालटेन लेकर दरवाजा खोलते हुए बड़े आश्चर्य से  पंडित जी से पूछा। रामनगर के पुजारी पंडित भोला राम  देर रात अपने निवास स्थान से निकल कर मास्टर दीनानाथ के घर चुपचाप आ पहुंचे थे। मास्टर दीनानाथ रामनगर के एक स्कूल शिक्षक थे। रामनगर … Read more

“रिश्तों की लक्ष्मण रेखा” – कविता भड़ाना : Short Stories in Hindi

सुहासिनी  झलकते हुए आंसुओ से अपने पिता को जाते हुए देखती रही, पर उन्हें पुकार कर, उनके गले लग कर, आंखों में आए हुए आंसुओ को दिखाकर, खुद को कमजोर नहीं दिखा सकती थी, इसीलिए बस उन्हें चुपचाप निहारती रही…. “जिस दिन दामाद जी तुम्हारी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दे, इस बाप के घर … Read more

ना मै अच्छा बेटा बन पाया ना ही अच्छा पिता बन पाया – अर्चना खंडेलवाल

मम्मी, फ्रिज मै रसगुल्ले रखे हैं मै खा लूं? बड़ा मन कर रहा है, मनीष ने मचलते हुए कहा तो रजनी बोली, अभी नहीं पहले पापा को ऑफिस से आने दे, सब साथ में खायेंगे, थोड़ा तो सब्र रखना सीख, परिवार में सब साथ खाते हैं तो प्यार बढ़ता है।ठीक है मम्मी, ये कहकर वो … Read more

तुमसे न हो सकेगा –  विभा गुप्ता : Short Stories in Hindi

    ” बधाई हो निशिकांत जी, लक्ष्मी आई है आपके घर में।आप नाना बन गये हैं।” कहते हुए नर्स ने एक नवजात शिशु को निशिकांत जी की गोद में दे दिया।बच्ची के नन्हें-नन्हें हाथों को स्पर्श करते ही उनका वात्सल्य आँसू बनकर उनकी आँखों से छलकने लगा।बच्ची की आँखें देखकर उन्हें लगा जैसे रूही ही उनकी … Read more

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