निस्वार्थ रिश्ते – रेखा जैन
नूपुर चार महीने की नन्ही सी सिया को अपनी गोद में ले कर बैठी हुई थी। चारों तरफ भीड़ थी, रोने चीखने की आवाजें, शोर, और सिसकियां बता रही थी कि इस घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सामने ही नूपुर की ननद सौम्या और ननदोई अजय के शव पड़े थे। दोनों किसी … Read more