अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 21) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि मनीष और पापा जी को सच्चाई से कैसे अवगत कराया जाए। मनीष तो बुआ की बात आते ही पूर्ण रूप से हृदय हीन हो जाते हैं। दोनों बुआ ऐसा कौन सा नशा करा दी हैं कि अपनी माॅं भी नजर नहीं आती हैं। घर के हर निर्णय … Read more

बादलों की घुमड़न- लतिका श्रीवास्तव : hindi stories with moral

hindi stories with moral : एक्सक्यूज मी मैडम…..तीसरी बार वही वाक्य सुनकर शिवानी ने उस ओर देखा तो एक नवयुवक सामने की सीट से उससे कुछ कहने की कोशिश कर रहा था.. क्या बात है पूछने पर समझ आया कि वह अपने  पिता को लेकर चिंतित था जो पहली बार हवाई यात्रा कर रहे थे … Read more

एक बार फिर (भाग 40 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर प्रिया को नाइट ड्रेस गिफ्ट करता है प्रिया रिवीलिंग ड्रेस देख कर कहती है मैं इसे नहीं पहनूंगी जिससे शेखर नाराज हो जाता है। प्रिया उसका उखड़ा हुआ मूड देखकर ड्रेस पहन लेती है। वह बाहर आ कर चुपके से ब्लैंकेट ओढ़ कर लेट जाती है शेखर फोन पर किसी से बात कर रहा … Read more

अपना घर स्वर्ग – ऋतु गुप्ता: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज दोनों बुजुर्ग दम्पत्ति लखमीचंद जी और उनकी पत्नी पुष्पा जी झूले पर बैठे अपने घर के आंगन में अपने स्वर्ग जैसे घर का आनंद ले रहे थे। तभी लख्मी चंद जी की आंखों के सामने तीन वर्ष पहले का एक दृश्य सचित्र घूम गया, जब उन्होंने अपने बेटे से … Read more

बस…अब और नहीं – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ” दीदी… देखिये ना…मैंने इनसे पानी माँगा तो मेरे गले….।”     ” चुप कर शैतान…. ” नंदा ज़ोर-से चीखी और जेठानी के भाई के गाल पर झन्नाटेदार थप्पड़ मारकर अपने कमरे में जाकर फूट-फूटकर रोने लगी।फिर तो जेठानी ने आसमान सिर पर उठा लिया।सुशांत के आते ही फट पड़ी,” देवर जी…अपनी … Read more

परख – माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : गीता रोज की तरह आज भी अविनाश का इंतजार कर रही थी..उसकी और अविनाश की नजदीकियां हुए एक वर्ष बीत चुका था..शायद ही कोई ऐसा दिन बीता हो जिस दिन वह एक दूसरे से ना मिलते हो,अविनाश शाम को अपने आफिस से निकलने के बाद गीता से मिलने के बाद … Read more

पहचान -बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : शादी के पांच वर्ष ही तो हुए थे,नन्हे से अंकुर की शरारते और कुछ कुछ तोतले पन के बोल से दोनो सरला और दिनेश प्रफुल्लित होते रहते।लगता अब और क्या चाहिये जीवन में।दिनेश की प्राइवेट कंपनी में अच्छी भली जॉब थी,इन पांच वर्षों में उन्होंने एक छोटा सा आशियाना भी … Read more

जब मैंने कोई गलती नहीं की है तो बर्दाश्त क्यों करूँ – कामिनी मिश्रा कनक: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अरे जीजी ये तस्वीर किसकी है , और ये यहाँ पर क्यू  है , ये कोई तस्वीर रखने कि जगह है , मोनिका किचन में शेल्फ को खोलते हुए ……. क्या ये आप है ………?? उस तस्वीर को छुटकि उसी शेल्फ में रख दो ….. वो किसी काम का नहीं … Read more

जब मैंने कोई गलती नहीं की है तो बर्दाश्त क्यों करूँ – के कामेश्वरी: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : श्रीजा जब दसवीं में स्टेट फस्ट आई तो घर में माता-पिता उतना ख़ुश नहीं हुए जितना कि स्कूल और बाहर के लोग खुश हुए थे ।  उनकी भी गलती नहीं है एक तो ग़रीबी दूसरी उनकी तीन बेटियाँ थीं । उनकी शादियाँ कराना है तो पहले श्रीजा को पार लगाना … Read more

कैसा ये इश्क है ( भाग – 7) – संगीता अग्रवाल : hindi stories with moral

hindi stories with moral : वक़्त बीतता गया पर केशव को नौकरी नही मिली कही मिलती भी तो सैलरी कम होने के कारण केशव इंकार कर देता। हर दिन के साथ केशव का व्यवहार मीनाक्षी के प्रति खराब होता जा रहा था । मीनाक्षी केशव से प्यार करती महज इसलिए वो सब कुछ ठीक करने … Read more

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