पैसा ही सब कुछ नहीं होता – राजिन्दर कौर   : Moral Stories in Hindi

“बहू रानी सुनंदा बिटिया को भी अपने साथ रसोई में रखा कर, देख देख कर वो भी कुछ सीख जाएगी। इस वर्ष बारह की हो जायेगी। मेरी पोती इस से एक दो साल बड़ी है, रोटी सब्जी बना लेती है।” घर में काम करने वाली कांता ने अपनी मालकिन यशोदा से कहा। “क्या बोलूं कांता … Read more

मझली बहू – संध्या त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

 राघव ओ राघव कहाँ गया….. मझली बहू मालती , जरा देखो तो अपने जेठ जी को किसी से अंदर बुलवा दो…. पंडित जी इंतजार कर रहे हैं सासु माँ ने मझली बहू मालती को आवाज देकर कहा …… तुम्हारी जेठानी जी पूजा में बैठकर जेठ जी का इंतजार कर रही है……! हाँ – हाँ माँ … Read more

प्यार का मौसम (भाग 5)- स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

तभी प्रशांत अपने पापा के साथ आया और हम लोगों ने खूब बाते करी ।वीर ने उन्हें पहले ही बता दिया कि वो उनकी तरह अमीर नही हैं ,पर अपनी बेटी के लिए कुछ भी कर सकता हैं । मिस्टर वर्मा ने कहा -“मैं ये सब बातें नही मानता….मैं तो बस अपने बेटे की ख़ुशी … Read more

प्यार का मौसम (भाग 4 )- स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

नूरी ने कहा -माँ जी मैं आपसे कुछ नहीं छिपाना चाहती । मैं विजय से प्यार करती हूँ हम दोनो एक साथ काम करते है ,और शादी करना चाहते है । लेकिन बेला मेरी ज़िम्मेदारी है ! जब तक मैं इसे सुरक्षित रुखसत नहीं कर देती , तब तक मैं भी शादी नहीं करूँगी । … Read more

प्यार का मौसम (भाग 3 )- स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

माफ़ करना मुझे आने में थोड़ी देरी हो गयी ! कोई बात नहीं …….मैम सर आप बस इसे कभी कभार आकर थोड़ा पढ़ा दिया करे ताकि इसका मनोबल बना रहे । आपका बहुत आभार होगा । मै इसकी पढ़ाई की वजह से चिंतित रहती हूँ । वीर उसकी निःशब्द आँखो को ना कह ही नही … Read more

प्यार का मौसम (भाग 2 )- स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

लेकिन जैसे ही आरोही उसके सामने आती तो उसके लबों पे एक सन्नाटा सा छा जाता था ।उसकी घबराहट देख आरोही बोल पड़ी !! लगता है मैं हिटलर हूँ ! “जो मुझे देख वीर की बोलती बंद हो जाती हैं , या फिर ये बस भाषण ही लिख सकता हैं “ । ये सुन ! … Read more

प्यार का मौसम (भाग 1 )– स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

सोचो के झीलों का शहर हो उसमें अपना एक घर हो ..ये सुनने में जितना अच्छा लगता है। हक़ीक़त में झीलों का शहर सब उथल पुथल कर देता है । ये कहानी भी ऐसे ही झीलों के शहर की है ,जिसमें सब तैर कर पार जाना चाहते है ।वीर और आरोही दो नाम ,दो जान … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 25) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“हाहाहा भाभी, बुआ को इस तरह हड़बड़ाते देख एक कहावत याद आ रही है।” विनया के दोनों कंधे को पकड़ झूलती हुई संपदा हॅंसी से दुहरी हुई जा रही थी। “ननद रानी कौन सी कहावत है वो, जो हमारी प्रिय बुआ जी के लिए आप सोच रही हैं।” विनया परांठे सेंकती हुई कहती है। “भागते … Read more

एक प्यारी सी लव स्टोरी (भाग -15) – अनु माथुर : Moral Stories in Hindi

अब तक आपने पढ़ा…. राशि अपने पग फेरे की रस्म के लिए आती है…. सब साथ मिलकर घूमने जाते है … ऋतिका और नेहा  के जाने का दिन भी आ जाता है… वो लोग station के लिए निकल जाते है… अब आगे…. रोहित और रजत गाड़ी में सब सामान रख कर ऋतिका और नेहा के … Read more

किस्मत या धोखा (भाग 2 )- संगीता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सब कुछ कितना अच्छा था सब सुगंधा के नाज़ भी उठा रहे थे बड़ा घर , इतना अच्छा पति पर क्या जो दिखता है वो हमेशा सच होता है ? कुछ दिनों बाद सुगंधा ने महसूस किया आलोक काफी कमजोर होता जा रहा है सुगंधा ने दो तीन बार आलोक … Read more

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