रिटायरमें – रश्मि झा मिश्रा 

“.…चलिए ना हम भी कहीं चलते हैं घूमने… शादी के दस साल हो गए… अभी तक हम कहीं भी घूमने नहीं गए…!” ” घूमने नहीं गए… उसके पीछे की वजह भी तो देखो… कितनी जिम्मेदारियां हैं हमारे सर पर… और घूमना क्या मुफ्त में होता है…!” ” अरे… मैं कहां कह रही मुफ्त में होता … Read more

आपे से बाहर होना – खुशी :

Moral Stories in Hindi अर्जुन एक बहुत इंटेलीजेंट लड़का था।उसे हर चीज का अच्छा ज्ञान था।बस उसमें एक ही कमी थी कि वो गुस्सा बहुत करता था और गुस्से में वो बेकाबू हो जाता।उसे घर में सभी यही समझाते बेटा अपने इस अवगुण को त्याग दे तो तू हीरा है हीरा।अर्जुन बीटेक कर नौकरी की … Read more

माता की चौकी -श्वेता अग्रवाल

नेहा घर के दरवाज़े पर खड़ी रमन का इंतजार कर रही थी। जैसे ही रमन ऑफिस से घर आया, वह दौड़ती हुई उसके पास गई और मुस्कुराते हुए बोली “सुनो रमन, इस बार नवरात्रि पर गुरुजी हमारे ही घर रुकेंगे। नौ दिन की माता की चौकी यहीं लगेगी!” यह सुनते ही रमन उत्साह से बोला, … Read more

संयम जरूरी है

सुबह के सात बजे होगें, शनिवार की सुबह, नीरजा चाय बनाने के लिए रसोई में गई ही थी कि मोबाईल बज उठा, देखा तो मिनी का फोन था, मिनी यानि की नीरजा और लोकेश की लाडली बेटी। इतनी सुबह फोन और वो भी शनिवार को, मिनी तो छुट्टी वाले दिन दस बजे से पहले बिस्तर … Read more

रिटायरमेंट औरतों के नसीब में कहां?

सोनाली! मम्मी पापा! आज तीर्थ से लौट रहे हैं, तो खाना जल्दी बना लेना, ताकि वह आकर नहा धोकर खाना खाकर, आराम कर सके। मयंक ने अपनी पत्नी सोनाली से कहा.. सोनाली:  तीर्थ से ही लौट रहे हैं ना? कोई जंग जीत कर नहीं? आप तो ऐसे बोल रहे हैं, जैसे मैं तो पूरे दिन … Read more

रिटायरमेंट – सीमा सिंघी

जब से आरती जी का रिटायरमेंट हुआ है। तब से घर वालों की नजरे उन्हें कुछ अलग अलग सी लग रही थी, फिर भी उन्होंने ज्यादा गौर नहीं किया और वे मन ही मन सोचने लगी।  शायद यह मेरा भरम हो सकता है और बागवानी करने में व्यस्त हो गई। ऐसे भी हमेशा से उन्हें … Read more

रिटायरमेंट औरतों के नसीब में कहां? – रोनिता कुंडू

सोनाली! मम्मी पापा! आज तीर्थ से लौट रहे हैं, तो खाना जल्दी बना लेना, ताकि वह आकर नहा धोकर खाना खाकर, आराम कर सके। मयंक ने अपनी पत्नी सोनाली से कहा.. सोनाली:  तीर्थ से ही लौट रहे हैं ना? कोई जंग जीत कर नहीं? आप तो ऐसे बोल रहे हैं, जैसे मैं तो पूरे दिन … Read more

रिश्ते अहंकार से नहीं, त्याग और माफ़ी से टिकते हैं – संध्या सिन्हा

क्या कहा आपने…।  चिंटू की शादी में चाचा के घर जाना है… आप भूल गई माँ… ये वही  चिंटू है… जिसे आप अपना छोटा बेटा मानती थी और ये वही चाचा है जो… उस एक्सीडेंट में दीदी के ससुर से पैसे माँग रहे थे…कि… अनु आपकी भी कुछ लगती है!” “ जाने दो बेटा… ये … Read more

“रिटायरमेंट या ज़िन्दगी की दूसरी पारी” – कुमुद मोहन

काॅलबेल बजी, देखा एक 10-12साल का लड़का कैरी बैग लिए खड़ा था,” क्या काम है ?”  सीमा ने पूछा, वो कोने वाली कोठी से आंटी ने भेजा है,खोला तो देखा थोड़ा सा ताजा पालक,मेथी, चार छः टमाटर, हरी धनिया और,एक टुकड़ा कद्दू, करौंदे,नींबू ?इतनी ताज़ी सब्जियां देख कर उसे मज़ा आ गया। सीमा और अतुल … Read more

कर्मों का फल – रीतू गुप्ता

सविता जी को 5 दिन बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल रही थी।  जब से  डॉ. छुट्टी का बोल कर गए है तब से वो बहुत उत्साहित थी घर जाने को।  पति सोमेश से कितने दिनों बाद मिलेगी … पोते ऋशव और पोती दिया से खूब बाते करेगी। सविता जी के चेहरे पे आज अलग … Read more

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