अपनेपन की छांव का अहसास – डॉ बीना कुण्डलिया
दरवाजे पर खटखटाहट और एक बुलन्द सी आवाज की चहक कुरियर कुरियर को सुनकर माया जी ने दरवाजा खोला कुरियर वाले से कुरियर लेकर अभी सोच ही रहीं थीं क्या होगा ? किसने भेजा होगा । दरवाजे पर आवाज सुनकर शुलभ बाबू भी जल्दी से बहार आ गये। अरे माया दिखाओ तो सही जरा किसने … Read more