रिटायरमेंट – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

यह क्या समृद्धि…! तुम पढ़ाई करने बैठ ई । घर के कामकाज कौन निपटाएगा..?? जाओ भाभी के साथ घर के काम करो।  रही बात पढ़ाई लिखाई की उसकी अब तुम कल्पना भी मत करो..!  तुमको जितना पढ़ना था, पढ़ लिया। अब घर- गृहस्ती संभालो। स्वास्तिक ने बहुत सख्त लहजे से कहा।  समृद्धि बोली- हम अभी … Read more

बद्दुआ – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

——————————          हम तो खुद ही तुमसे माफी मांगने आए हैं बहुरिया, बद्दुआ ना देना। अब तो परमात्मा ने तुम्हारी सुन ली, पुरानी बातों को मन से निकाल दो हम तो तुमसे  कुछ भी सिर्फ इसलिए ही कही कि तुम कुछ समझ लो। तुम कहां से इलाज कराया बता दो बहुरिया तुम्हारी ननद सुशीला को बालक … Read more

अधूरी डायरी – लतिका श्रीवास्तव

हैप्पी रिटायरमेंट डे प्रभात जी के उठते ही नमिता जी ने चाय की प्याली के साथ ताजा गुलाब पकड़ाते हुए कहा तो प्रभात जी मुस्कुरा उठे। धन्यवाद श्रीमती जी आज तो मेरा स्वतंत्रता दिवस है चाय का कप उठाते हुए कह उठे। हां आज ही बस ऑफिस जाना है आपको।आज तो आराम से जाइए ऑफिस … Read more

बेटी, बेटा एक समान – विमला गुगलानी

सुशीला रसोई में जल्दी जल्दी हाथ चला रही थी और कामवाली रेशमा को भी मन ही मन कोसे जा रही थी।जब भी घर में मेहमान आने हो, ये महारानी छुट्टी करके बैठ जाती है, और ये भी नहीं कि एक दिन पहले बता दे, सुबह ही फोन करेगी।     तभी कौशल जी रसोई में आए और … Read more

रिश्ते अहंकार से नहीं,त्याग और माफ़ी से टिकते हैं – मीनाक्षी

रिश्ते, प्यार और त्यागइतना अहंकार नहीं। यह अच्छा नहीं होता।इसी तरह की एक कहानी है आदेश की, जिसे अहंकार था।वो जो भी ऊँचे मुकाम पर था, अपनी बदौलत समझता था। उसे न पिता से मतलब था, न माँ से। इकलौता बेटा था। पिता ने कितनी मेहनत करके आदेश को पढ़ाया-लिखाया था। दिन-रात नौकरी करता। उसे … Read more

रिश्ते – खुशी

हर रिश्ते की अपनी गरिमा है और ये एक दूसरे के साथ विश्वास पर ही टिकते है और यदि थोड़ा झुक जाए तो शायद ये टूटते टूटते भी बच जाते है। ये कहानी है अनुराग और आशा की अनुराग एक मध्यमवर्गीय लड़का जिसके परिवार में माता पिता आनंद और शकुन्तला,बड़ा भाई गौरव उसकी पत्नी पूजा … Read more

साक्षात् दुर्गा – विभा गुप्ता

       ” ये क्या चंदा..आज फिर से…तू एक बार उसका हाथ पकड़कर ऐंठ क्यों नहीं देती।तेरी कमाई खाता है और तुझ पर ही हाथ…।खाली ‘दुर्गा मईया सब ठीक कर देंगी’ कहने से नहीं होता है..दुर्गा बनना भी पड़ता है..।” अपनी कामवाली के चेहरे और हाथ पर चोट के निशान देखकर आरती गुस्से-से उस पर चिल्लाई।       ” … Read more

रिश्ते अहंकार से नहीं,त्याग और माफ़ी से टिकते हैं – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

त्याग और माफ़ी दो ऐसे शब्द हैं जिन्हें आप जितना भी करते जाओ कभी उनकी सीमा ख़त्म ही नहीं होती क्योंकि जिन्हें आपके त्याग और माफ़ी की कद्र नहीं है वे कभी उसका मूल्य नहीं समझते और आपसे सदा त्याग की ही उम्मीद करते जाते हैं और वो भी बिना कोई श्रेय दिए और वे … Read more

छुटकू – बीना शुक्ला अवस्थी

आज चॉदनी का जागती ऑखों से देखा सपना पूर्ण हो गया है। इस कालोनी में फ्लैट लेना उसका बहुत बड़ा सपना था।  आज  सुबह ही उसके फ्लैट की रजिस्ट्री हुई है और वह सीधे यहीं आ गई। उसने हल्के हाथों से उस नन्हें पौधे का सहलाया जो धीरे-धीरे विशालकाय वृक्ष बनने की राह पर अग्रसर … Read more

रिटायरमेंट – सुनीता माथुर

प्रियांशी बैंक मैनेजर थी आज बहुत खुश थी उसका रिटायरमेंट था बैंक के सभी लोगों ने रिटायरमेंट की पार्टी की तैयारी कर रखी थी प्रियांशी के पति विकास भी बहुत खुश थे क्योंकि—- वह भी पहले बैंक में ही डायरेक्टर थे और 2 साल पहले ही—— रिटायर्ड हो गए थे! सोचा था प्रियांशी के रिटायर्ड … Read more

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