क्या सच में औरत सुरक्षित हैं ?? – मीनाक्षी सिंह 

रिया – भईया ,,रामनगर चलोगे क्या ??

अौटो वाला – नहीं बहन जी ,,वहां नहीं जा रहा !!

रात के 9 बज रहे हैं !! रिया की आज आफिस में मीटिंग थी !! इसलिये आज बहुत रात हो गयी !! घबरायी हुई ,,पसीने से तर बतर अौटो के इंतजार में खड़ी हैं !! उसने कम्पनी की शर्ट पेंट पहन रखी हैं !!

कार वाला (शीशा खोल के इधर उधर देखता हैं ,,उम्र होगी यही कोई 45 साल ) -कहाँ जाना हैं आपको,,आईये मैं छोड़ देता हूँ !!

रिया – कहीं नहीं !! रिया जल्दी जल्दी आगे बढ़ती हैं !!

कार वाला – रात बहुत हो गयी हैं ,,इस समय कोई अौटो वाला नहीं मिलेगा !!

रिया – मैं चली जाऊंगी ,,आप जाईये !!

कार वाला कार से बाहर आता हैं ,,और रिया  के पीछे – पीछे चलने लगता हैं !! पास पहुँचकर उसका हाथ पकड़ कर जोर से खींचता हैं !!

तभी रिया  को दो लड़के दिखते हैं आगे से आते हुए !!

रिया – भईया,,ये आदमी परेशान कर रहा हैं !! प्लीज ,,मेरी हेल्प कीजिये !!

लड़के – जी ज़रूर !! लड़को को देखते ही आदमी उल्टे पांव वापस चला जाता हैं !!

रिया – बहुत बहुत धन्यवाद भईया !! आप नहीं होते तो पता नहीं क्या  होता !!

लड़के (हँसते हुए )- यही होता कि तुझे उस बूढढे के साथ जाना पड़ता !! हम  तो जवान हैं !! रात में ऐसे कपड़े पहन के घुमेगी तो जवान क्या कोई भी फिसल जाए !!

चल आज हमारा दिन बना दे !! और रिया  का हाथ पकड़ के उसे जंगल की तरफ ले ज़ाते हैं !!

रिया चीखती है ,,चिल्लाती हैं ,,और ऊपर वाले का ध्यान लगाती हैं – हे बंशी ,,आज मुझे बचा ले !!

तभी आगे से बाइक की रोशनी दिखती हैं !! रिया अपने चेहरे पर हाथ रख लेती हैं !! उसे लगता हैं कि और लोगो को भी बुला लिया हैं इन्होने !! आज मेरी अस्मत का बचना नामुमकिन हैं !!

तभी उसे रिया,रिया की आवाज सुनायी देती हैं !!

रिया – क्या ,भईया आप !!



लड़के भईया सुनते ही नौ दो ग्यारह हो जाते हैं !!

भाई – मैं अपने आफिस से निकल ही रहा था ,,कि माँ का फ़ोन आ गया कि तू घर नहीं पहुँची अभी तक !! तभी तुझे लेने आ गया !! फ़ोन तो कर देती कम से कम !!

रिया भाई के सीने से लगकर फूट फूट कर रोती हैं !!

रिया – भईया ,,आपने पहले भी कहा था ये इतनी देर वाली नौकरी छोड़ दे !! पर मैं नहीं मानी !! खुद को बहुत हिम्मत वाली समझती थी ! मैं नहीं हूँ ,,हिम्मत वाली भईया !! अब नहीं करनी नौकरी !! ये समाज  अकेली औरत को खुली तिजोरी समझता है !! मैं समझ गयी आपकी बात !!

भाई – पगली ,,तू अब नौकरी बिल्कुल नहीं छोड़ेगी !! कल ही तुझे गाड़ी चलाना सिखाता हूँ !! और जिस दिन ज्यादा लेट हो उस दिन फ़ोन कर दिया कर!! चल अब जल्दी घर चल ,,मम्मी पापा सब तेरे इंतजार में भूखे बैठे हैं !! मेरे भी पेट में चूहे कूद रहे हैं !! और खबरदार कोई बात मम्मी पापा को बतायी तो !! मैं हूँ जब तक तुझे कोई हाथ भी नहीं लगा सकता मेरी प्यारी सी गुड्डो !!

रिया  आंसू पोछते हुए – भईया ,,मुझे भी भूख लगी हैं !! माँ के हाथ का खाना खाना हैं !!

घर पहुँचते ही रिया को महसूस होता हैं ,अब वो सबसे सुरक्षित जगह हैं !!

सच में एक लड़की अपने पिता और भाई के साथ ज़ितना सुरक्षित महसूस करती हैं उतना कहीं नहीं !!

औरतों को खुद मजबूत बन ना होगा !! और मैं भारत की लड़की सबसे कहती हूँ –

लुटेरा है अगर आज़ाद तो अपमान सबका है,

लुटी है एक बेटी, तो लुटा सम्मान सबका है,

बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मज़हब की

लड़ो मिलकर दरिंदो से, ये हिन्दोस्तान सबका हैं।

एक बार मोमबत्ती की जगह

रेपिस्ट को जलाकर तो देखो

शायद रेप कम हो जायें।

हर बार बेटियां हीं जलें जरूरी तो नहीं…॥

तुम्हारे ज़रा चोट लग जाने पर मां सहम जाती है, सोचो जिसकी बेटी के साथ हैवानियत हुई उसका क्या हाल हो रहा होगा।

 

स्वरचित

मीनाक्षी सिंह

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