वॉलेट – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

अपने बेटे नितिन की शादी के बाद राधा बहुत ही ख़ुश थी, एक बहुत बड़ी जवाबदारी जो निपट गई थी। उसने अपने पति से कहा,;गौरव कितनी प्यारी जोड़ी है ना हमारे नितिन और नेहा की।हाँ राधा तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो, ऊपर वाला बहुत सोच समझकर जोड़ियाँ बनाता है, जैसी हमारी जोड़ी है ।;क्या … Read more

धैर्य – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

रीता को गुमसुम बैठी देखकर उसकी भाभी ने पूछा – क्या हुआ रीता यु उदास क्यों बैठी है? हूँ, कुछ सोच रही थी। क्या, राकेश भैया के बारे सोच रही है? भाभी ने पूछा। नहीं, भाभी अब उनके बारे मे सोचने के लिए क्या बचा है। रीता ने कहा।तब किसके बारे मे सोच रही है … Read more

अनबन – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आपकी बहू तो बहुत प्यारी है गुड़िया जैसी सुंदर कहां से ढूंढ कर लाए हैं ये हीरे की कनी .. जो भी आता बहू मीनल की मुग्ध कंठ से प्रशंसा करता । मनोहर जी और सुमित्रा  बहुत गदगद हो रहे थे। घर की बैठक में विशाल नए सोफे पर मीनल को बिठा दिया गया था … Read more

रणचंडी – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

दीवाली का त्योहार था। घर द्वार वंदनवार सजे थे। रंगबिरंगी दीपमालाओं से घर रोशन हुए थे। आँगन में रंगोली सजायी थी। नये नये वस्त्र पहनकर बच्चें इतरा रहे थे। रोषणाई की जगमग, पटाखों की आवाज, आसपास से आती मिठाई की खुशबू। वैदेही और विशाल टुकुर-टुकुर देख रहे थे।  ” मां, हम भी मनाये दीवाली। देखो … Read more

दोस्ती की मिसाल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” चाची..मैं कल दोपहर तक पहुँच जाऊँगा..।घर में सब कैसे हैं? चाचा की तबीयत..।” मानव की बात पूरी होने से पहले ही उसकी कुमुद चाची प्रसन्न-स्वर में बोली,” खुद ही आकर देख लेना..दीदी नहीं आ रहीं हैं?”    ” मानवी की परीक्षा खत्म होते ही मम्मी भी आ जायेंगी।अच्छा चाची प्रणाम!” कहते हुए उसने फ़ोन डिस्कनेक्ट … Read more

सुगंधभरी साँसें – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

शहनाई बज रही थी ।एक दूसरे की सुगंध भरी साँसों की टकराहट से मन की वीणा के तार झनझना उठे। कमाल और स्वाति ने न जाने कब –कब में एक दूसरे के गले में जयमाला डाल दी । जाली के घूँघट में स्वाति की झलक मिलने से कमाल उसकी ओर टकटकी लगाए हुए था और … Read more

मुलाकात – आरती मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“सीढ़ियों पर बढ़ते कदम अचानक से सुमन ने रोक लिए और दबे पांव नीचे चली आई थीं। ” रोज की तरह ही  मोबाइल में खो गई । मगर ध्यान था ऊपर के कमरे से आती आवाजों पर । सोचने लगी अच्छा किया कि आधी सीढ़ियों से ही वापस मुड़ आई ।इतना सुखद क्षण अब कभी … Read more

ये धन -सम्पत्ति ना अच्छे-अच्छों का दिमाग खराब कर देती है – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

शानो-शौकत से भरी जिंदगी थी ठकुराइन की।कलफ लगी साड़ी पहनकर पान का बीड़ा मुंह में दबाए जहां से निकलती सब सम्मान में सिर झुका कर प्रणाम करते और वो भी दो मीठे बोल बोलकर सभी का हालचाल पूछा करती थीं। ठाकुर साहब नहीं रहे तो भी उन्होंने गांव छोड़कर बच्चों के साथ विदेश जाने से … Read more

कड़वी जुबान- नफरत की दुकान – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 दिल्ली के आदर्श नगर के एक मोहल्ले में आज बहुत हलचल थी क्योंकि उसे मोहल्ले के एक घर में रहने वाली सितारा, जो की पांच  भाई बहनों में सबसे छोटी थी,वह विवाह के तीन वर्ष बाद ही विधवा हो गई थी।        उसके पति केशव का हार्ट फेल हो गया था। सितारा की उम्र का अभी … Read more

चिरैया – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सुजाता जी अकेली रह गई थीं घर में। संतान का सुख मिला नहीं था और महेश जी भी इस उम्र में हांथ छुड़ा कर चले गए थे। इंसान जन्म लेते ही अपनी आयु सीमा तय कर के ही पृथ्वी पर आता है। किसी ना किसी को तो जाना ही पड़ता है। जीवन और मृत्यु का … Read more

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