आश्चर्य पर आश्चर्य – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

  मेरे छोटे बेटे को आश्चर्य पर आश्चर्य देने की आदत है। उसकी पत्नी भी उसका खूब साथ देती है। अचानक झोली में आन पड़ी खुशियों का भार सँभालना कभी कभी मुश्किल भी हो जाता है। पर इतना अवश्य है कि एक अरसे तक आश्चर्य के सम्मोहन से रोम -रोम पुलकायमान रहता है।   मुझे अच्छी तरह … Read more

दिँखावे की ज़िंदगी – करुणा मालिक : Moral Stories in Hindi

पूनम , ज़रा तैयार रहना …मैं तुम्हें लेने आ रहा हूँ, वकील की माताजी का निधन हो गया है, वहीं चलना है । वकील  की माताजी? मतलब मेहरा भाई साहब की ?  हाँ- हाँ… बस पाँच मिनट में पहुँच रहा हूँ …. उनकी बड़ी बहन पहुँचने वाली है बस उनका इंतज़ार हो रहा है । … Read more

आंखों पर बंधी पट्टी। – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

आज आफिस में बहुत काम था, कमर दुखने आ गई, काम करते करते, फिर छः बजे का एलारम गूंजा, तो टीया की तंद्रा टूटी, वह फाईलें समेट उठ खड़ी हुई।थके कदमों से बाहर निकली ही थी,कि आसिमा आतीं दिख गई, और टिया कैसा दिन रहा तेरा। बड़ा ही हैक्टिक, वहीं ढेर सारी फाइलें और और … Read more

उड़ान – राशि सिंह : Moral Stories in Hindi

“तुमको पता है जिंदगी के लिए उड़ान और आजादी कितनी जरूरी है! ” सलय ने शीना के हाथ को अपने हाथों में लेते हुए कहा तो शीना ने गहरी सांस लेते हुए हाँ कहा और नदी में उठती लहरों पर पास में ही पड़ा एक कंकड़ देकर मार दिया। लहर ऐसे ही उठती आगे बढ़ती … Read more

झूठी दिखावे की जिन्दगी – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

हम इस एनीवरसरी पर बड़ा वाला टीवी ड्राइंग रूम के लिए लेंगे, अतुल ने जैसे ही कहा तो निशा को आश्चर्य हुआ। अतुल, ‘घर में वैसे ही दो टीवी पहले से है, एक हमारे कमरे में और एक बाबूजी के कमरे में, फिर और एक टीवी लेकर क्या करना है? वैसे भी टीवी इतना देखता … Read more

*दिखावे की चादर* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

   परेशान हो गई थी सौम्या इस दिखावे की जिन्दगी से। कितना कठिन होता है ,हम जो नहीं है, वह बताने का प्रयास करना। उसे समझ में नहीं आता कि जब हम मध्यमवर्गीय है, तो अपने को उच्च श्रेणी का बताने की यह कैसी जिद है कि परिवार का हर व्यक्ति अपने मे ही उलझा … Read more

वो मां है, कुछ भी कर सकती है – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शिल्पा! अम्मा ने खाना खाया? शिल्पा! अम्मा ने दवा ली,सो गई क्या वो? राहुल की रात दिन ये सब बातें सुनकर शिल्पा के कान पकने लगे थे, वो तो सास को संग लाकर रखना भी नहीं चाहती थी अपने घर लेकिन राहुल ने जब पिछले हफ्ते अपने बड़े भाई भाभी से कहा कि अम्मा को … Read more

मन की कसक – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

मनोज के चेहरे पर उड़ती हुई हवाइयों को देख घर में सबको बड़ी हैरानी सी हो रही थी और साथ हीं साथ किसी अनहोनी की आशंका से मन विचलित भी हो रहा था… कल तक घर के हर सदस्य के साथ हंसी-ठिठोली करने वाले मनोज को आज क्या हो गया है??  हर आहट पर कुछ … Read more

दिखावा – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

जैन साहब की गाड़ी भीड़ के जाम में फंसी हुई थी ,वो जाम खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। तभी नेहा डिपार्टमेंट स्टोर से बाहर निकलती है, तो उनके हाथ में चार कैरी बैग के साथ हैंड बैग भी रहता है। उन्हें देखकर जैन साहब नमस्ते नेहा जी…कहते है तभी उनकी आवाज सुनकर उनकी … Read more

मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

घर से अपनी मां की तेज आवाजें सुनकर मोहित का माथा ठनका,आज फिर इन सास बहू में ठन गई…उफ्फ!!क्या करूं इस दिव्या का..कितना समझाया है इसे मैंने..मां से ज्यादा पंगा मत लिया करो पर सुनती कहां है मेरी। मोहित को आया देखकर दोनों चुप गई थीं,मोहित की मां शकुंतला जरूर कुछ बड़बड़ाने लगी थीं पर … Read more

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