पुत्र मोह – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

ब्याह के दस साल बाद भी राजन और  उमा संतान सुख से वंचित रहे! संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने हर मंदिर में दिये जलाऐ,हर चौखट पर माथा टेका,हर मजार ,दरगाह पर चादर चढ़ाई,हर गुरूद्वारे पर अरदास लगाई! जाने कितने व्रत अनुष्ठान कराऐ! आखिरकार भगवान ने उन की सुन ली! उनके घर विनय के रूप में … Read more

क्योकि मैं अब माँ हूँ – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मम्मा मै कपड़े कहां बदलूं ?” बुआ के यहां शादी में आईं बारह साल की श्रीति अपनी मम्मी स्नेहा से पूछती है। ” बेटा यहां सब औरतें ही तो हैं और सब यहीं बदल रहे तुम भी यहीं बदल लो ना अब कोई और कमरा नहीं है यहां शादी का घर है बेटा समझो बात … Read more

दिखावे से दूर – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 शिल्पी, मोनिका  को फोन करके बोली, “मोनिका चल आज शाम को साथ में कॉफी पीने चलते हैं और तुझसे एक जरूरी बात भी करनी है। तो मिल रही है ना शाम को ”   मोनिका -” शिल्पी, आज तो नहीं मिल पाऊंगी कल आ सकती हूं कल मैं बिल्कुल फ्री हूं। आज शाम को मेरे पति … Read more

पछतावा – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

गंगा शांत बह रही थी | वातावरण शांत, सुखद और मनमोहक था | एक नाव गंगा की लहरों पर मंद गति से तैर रही थी | नाव पर सेठ मनोहरलाल बैठे थे | सामने अपनी पत्नी  उमा की एक बहुत सुंदर तस्वीर रखे थे | तस्वीर पर एक बहुत खूबसूरत हार चढा था और सामने … Read more

दिखावे की जिन्दगी – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  प्रीती और सुशांत की शादी हाल ही में हुई थी। नई-नई शादी के उमंग-उत्साह में सराबोर प्रीती अपने और अपने पति के संग विभिन्न आकर्षक मुद्राओं में खींचे गए फोटोग्राफ्स को कभी फेसबुक पर तो कभी व्हाट्सऐप पर निरंतर बिना किसी दिन नागा किए हुए डालती जा रही थी। इन तस्वीरों में दोनों नवविवाहित जोड़ी … Read more

सूनी गोद – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

सीमा की शादी को लगभग दस वर्ष हो चुके थे। पर अब तक गोद सूनी थी उसकी । वो इस बात पर बहुत. ज्यादा ध्यान नहीं देती थी । भाई के दोनों बच्चे और छोटी के दोनों नन्हे मुन्ने उसे कभी ये महसूस होने ही न देते थे कि वो अब तक माँ नहीं बनी … Read more

दिखावे की जिंदगी – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

रमा कान्त जी अकेले चले जा रहे थे ।मंजिल का कोई अता-पता नहीं है ।पत्नी एक महीने पहले ही गुजर गयी है ।दो बेटे हैं ।शादी शुदा ।अपनी गृहस्थी में मगन ।जब नौकरी में थे तभी पत्नी सरला के बहुत कहने पर एक छोटा सा आशियाना बना लिया था ।साधारण पोस्ट पर ही थे वह। … Read more

दान के फल – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 अजी सुनते हैं…. हां , हां यही हूं बोलो ना…. गिरधारी लाल ने सुनयना देवी से कहा…!        आज शनिवार है, मैं सोच रही हूं शनि मंदिर के सामने बैठे  भिखारियों को फल बांट दूं…..ऐसा करिए आप मुझे पांच किलो सेव लाकर दे दीजिए…।       ठीक है , तुम तैयार हो तब तक मैं फल लेकर आता … Read more

आइने के पीछे – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

जरा रुक मोनी रुक…. श्री की तेज आवाज से मोनी ने पलट कर देखा तो श्री अपना मोबाइल निकाल रही थी। नो श्री प्लीज अभी नहीं अभी मोबाइल पर्स में ही रहने दे अभी बहुत सारी शॉपिंग करनी है मोनी ने दबाव देकर कहा लेकिन तब तक तो श्री अपना मोबाइल निकाल कर उसमें सेल्फी … Read more

नयी फसल – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे,दुर्गा काका,कैसे हैं आप,कल से आपसे बात ही नही हो पायी।काका सब ठीक है ना?        हाँ-हाँ, सब ठीक है छोटे सरकार।अब तुम आ गये हो तो और सब ठीक हो जायेगा।         और सब ठीक हो जायेगा, यानि कुछ गड़बड़ है?काका बताओ ना क्या बात है?          कुछ नही बबुआ,पूरे दो साल में आये हो,आराम करो,बाते तो … Read more

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