दिखावे की जिंदगी। – खुशी : Moral Stories in Hindi

रजत एक मल्टीनेशनल कंपनी गुड़गांव में अच्छी पोस्ट पर काम करता था।उसके घर में मां नीला और पिता ओमप्रकाश ही थे।रजत को महंगी महंगी चीजों का बहुत शौक था।इसके लिए वो सैलरी तो खर्च कर देता।माता पिता समझाते पर वो नहीं सुनता था।माता पिता ने एक छोटे शहर की लड़की देखi ताकि वो घर संभाल … Read more

समझौता – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

————- मां!” मैं अपने ख्वाबों से समझौता नहीं कर सकतीं हूं। आपने कितनी मुश्किलों का सामना करके मुझे इस काबिल बनाया कि आज मैं इस मुकाम पर हूं, सिर्फ इसलिए नौकरी छोड़ दूं कि मैं रवि से ज्यादा ऊंचे पद पर हूं और समाज में मेरा मान – सम्मान ज्यादा है। मां मैंने अपनी मेहनत … Read more

ये धन संपत्ति ना….अच्छे-अच्छों का दिमाग खराब कर देती है। – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

राजेश एक स्कूल में गणित का शिक्षक था। ईमानदार, सादा जीवन-उच्च विचार और अपने छोटे से परिवार में बेहद खुश। घर में माँ, पत्नी, एक बेटा और पुरानी किताबों की अलमारी—बस यही उसकी दुनिया थी। वह बचपन से ही पढ़ाई में अब्बल रहा लेकिन लोभ-लालच से वह सदा ही दूर रहा।लोगों की मदद करना उसे … Read more

आस्था की लॉटरी – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

आज हमारी नैनीताल ट्रिप का आखिरी दिन था तो बाजार जाकर कुछ गिफ्ट्स लेनी की सोचकर हम तीनों होटल से पैदल ही निकल पडे़ थे। ऑफ-सीजन की वजह से कोई खास भीड़भाड़ नहीं थी । हम हमेशा नैनीताल की ट्रिप ऑफ-सीजन ही प्लान करते हैं जिससे बहुत मजे से घूमना फिरना होता है। बाजार के … Read more

अनमोल खजाना – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

         शिवदत्त और बलवन्त दो भाई थे, जो माता-पिता की छत्रछाया में  खेती किसानी का काम करते थे। बलवन्त बड़ा था और शिवदत्त छोटा था। बलवन्त के चार बेटे थे। उनकी पढ़ाई में जरा भी रूचि नहीं थी, एक बहिन थी लीला जो शिवदत्त के बेटो से हमेशा ईर्ष्या करती थी, क्योंकि शिवदत्त के दोनों … Read more

Work from home – सरिता कुमार : Moral Stories in Hindi

पहली बार जब सुना था “वर्क फ्रॉम होम ” तो अच्छा लगा था । बहुत राहत महसूस हुई थी कि इस विपदा में नौकरी सुरक्षित है जबकि बहुत से संस्थानों में तो नौकरी से छुट्टी मिल गई थी । लगभग 20% लोग घर में क़ैद होकर सड़क पर आ गए , खाने के लाले पड़ … Read more

नायिका – सरिता कुमार : Moral Stories in Hindi

छः महीने का वक्त मिला था लेकिन पांचवें महीने में ही इशिता से साबित कर दिया कि वो हार नहीं सकती । आत्मविश्वास से परिपूर्ण अदम्य साहस का परिचय दिया है । सही कहते हैं बुजुर्ग लोग की “पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं ।” मुझे याद आया काबुल लाइन का वह … Read more

” दिखावे की ज़िंदगी ” – साधना वैष्णव : Moral Stories in Hindi

      मालती एक निम्न वर्ग की लड़की थी। वह लोगों के कपड़े सिलकर अपने माता-पिता को आर्थिक सहयोग करती थी। शादी के बाद घर का खर्च चलाने और पति की मदद के लिए वह लोगों के घरों में काम करने लगी।           काम करते हुए वह अपने मालिकों का रहन-सहन देखती तो उसकी भी इच्छा होती कि … Read more

साड़ी वाली गंवार – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

” बहू आज मेरी किटी है मेरी किटी की सहेलियां आएगी सब इंतज़ाम अच्छे से होना चाहिेए खाने पीने के सामान में कोई कमी नहीं रहे और हां गंवारो की तरह कपड़े पहनकर ना आना उन लोगों के सामने तुम यह जो छः मीटर का कपड़ा लपेटे रहती हो वह न लपेट लेना। तुम साड़ी … Read more

फालतू काम – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आजा मेरा राजा बेटा तू ही ये काम कर सकता है मालिनी ने तीसरी बार बेहद दुलार से अपने निर्विकार बेटे राजन से कहा तो पिता राजेश्वर झल्ला गए। इतनी #लल्लो चप्पो करके क्यों बोल रही हो मालिनी। तुम्हारा बेटा है इसी घर में रहता है बाजार जाके सामान लाना उसका भी कार्य है …दिन … Read more

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