गोपी बुआ – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi
अरे जल्दी करो, देर हो जायेगी। उनको साड़ी भी तो ओढ़ाना है। गोपी बुआ, सब इसी नाम से बुलाते थे। पूरे मोहल्ले की बुआ थीं, तीन पीढ़ियों की खुशियों और दुखों की गवाह। किसी के यहां बच्चा हुआ हो, शादी हो, कोई त्यौहार या कुछ और काम हो, सब बुआ को याद करते और बुआ … Read more