बेटी को सब अधिकार है बहू को क्यों नहीं? – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : संगीता के बेटे की शादी है, हम सबको बुलाया है, ममता जी ने खुशी से बताया। हां, तो हम सब चलेंगे, आखिर तुम्हारी सहेली के बेटे की शादी है, पर रिशते तो परिवार के जैसे है, हम सब चलेंगे, वो भी तो हमारे आदित्य की शादी में सपरिवार आये थे, … Read more

अधिकार और कर्तव्य – रेखा जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अभिषेक को अपनी बीवी और बच्ची के साथ देख कर मुझे क्यों दुख हो रहा है!!!,,,क्यों दिल के कोने में कसक हो रही है??? मैने तो खुद ही उसे अपनी जिंदगी से अलग किया था तो आज उसे अपनी जिंदगी में खुश देख कर क्यों मेरी आंख भर आई है??? … Read more

अधिकार – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :” कठोर यथार्थ की दलदली धरती  पर   माही के दुर्बल पांव धंसने लगे हैं। क्रूर नियति ने उसके सुख-सौभाग्य पर बेदर्दी से कुठाराघात किया है। माही के कानों में सीटियां सी बज रही है  ,सिर चकरा रहा है  आंखों के सामने अंधेरा छा गया है। वह धड़ाम से गिर पड़ती … Read more

एक माँ अकेली भी बच्चे की परवरिश कर सकती है- संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :” क्या होगा अब सुनयना का उम्र ही क्या है अभी पेट मे बच्चा और पति साथ छोड़ गया बेचारी के साथ बड़ा अन्याय किया विधाता ने !” सुनयना के पति रघु की दुर्घटना मे मृत्यु के बाद शोक व्यक्त करने आई मोहल्ले की औरतें आपस मे बात कर रही थी। … Read more

छाती पर साँप लोटना – top 10 moral stories in hindi

वक्त का पहिया”   डीजे की तेज आवाज में बजते गानों से घर के अंदर सोए हुए महेंद्र जी और उनकी पत्नी रुक्मणि की आंखे खुल गई एक दूसरे से नजरों को चुराते हुए दोनों के मन बड़े बैचेन थे उनके घर से बिल्कुल मिला हुआ दूसरा मकान उनके छोटे भाई राघव का है और कल … Read more

सारे अधिकार दीदी को ही क्यों – नमिता झा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “क्या है मांँ? इस घर की बड़ी आप हैं या दीदी? हर बात के लिए मुझे दीदी से क्यों परमिशन लेनी पड़ती है? दीदी कौन होती है ये बताने वाली कि मैं अपने दोस्तों के साथ पिकनिक पर जा सकती हूंँ या नहीं?” सोनल ने ये पहली बार अपना विरोध … Read more

अधिकार – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ऑफिस की तरफ से दस दिन के लिए राजेश को शहर से बाहर जाना था.. राजेश थोड़ा परेशान से लग रहे थे … मैं और दोनो बच्चे शुभम और शुभांगी, जो एक महीने के सेमेस्टर ब्रेक में घर आए थे बेहद खुश थे.. पापा नही रहेंगे तो खूब मस्ती करेंगे … Read more

नाम डुबो दिया – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “अरे कहाँ है गिरधारी, क्या कर रहा है? ” बिहारी बाबू घर में घुसते हुए जोर से बोले |        “मैं तो घर में ही ं हूँ भैया | प्रणाम करता हूँ|आइये बैठिए |” गिरधारी बाबू  अपने कमरे से बाहर आते हुए बोले |           ” खुश रहो , पर ये तो … Read more

वसीयत ( अंतिम भाग ) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अभी तक आपने पढ़ा कि विमल जी अपने बच्चों को अपनी वसीहत में किये गए फैसले सुनाते हैं… हर फैसले पर बेटों , बहुओं को कुछ ना कुछ आपत्ति होती हैं… जैसे ही घर के जेवरों की बात चलती हैं तो दोनों बहुएं रानी और काजल बिल्लियों की तरह लड़ने … Read more

वसीयत ( भाग – 3 ) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अभी तक आपने पढ़ा कि विमल जी को एहसास हो रहा था कि वो अब इस दुनिया में ज्यादा दिन के मेहमान नहीं हैं.. यह देख उन्होने अपने दोनों बेटे नितिन, अनुज और बेटी राखी को अपनी वसीहत सुनाने के लिए बुलवा लिया…. सभी निर्धारित समय पर आ गए … … Read more

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