जलालत का दर्द तुम भी तो जानो : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : स्वप्निल पगफेरे में मायके पहुंची तो सहेलियों ने घेर लिया उसे।पूरा घर उसके आने की खुशी मनाने में लगा था।मां अपने दामाद को देख वारी जा रहीं थीं। स्वप्निल की सारी सहेलियां उसे सुंदर और सुयोग्य जीवनसाथी मिलने की बधाई दे रहीं थीं।तीन दिन मायके में रहकर जब विदाई का … Read more

ज़लील होना – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रिया को आज लड़के वाले देखने आए थे उन्हें रिया पसंद आ गई थी। शादी के लिए हां करने के बाद लड़के की मां ने रिया को सोने की चेन पहना दी , सभी बहुत खुश थे लड़का डाक्टर था लेकिन थोड़ा हेल्दी था वैसे तो रिया भी थोड़ी मोटी … Read more

अपना घर छोड़ कर क्यों जाना… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अचानक किसी ने जोर से दरवाज़ा खटखटाया…इस वक़्त कौन आया होगा सोचती हुई काव्या दरवाज़े की ओर बढ़ ही रही थी की देखा सासु माँ दरवाज़ा खोल चुकी थी और किसी से बात करने में व्यस्त थी.. “ कौन है माँ जी ….?” काव्या ने पूछा  “ वो मेरी एक … Read more

“नियति क्या ना कराए”

नियति कैसे कैसे खेल दिखाती है !आज तक राजा को रंकऔर रंक को राजा होते सुना है ;किंतु आज जो मैं कहानी आपको बताने जा रही हूं, वह एक ऐसी मासूम लड़की की है ,जो कारावास में उम्र कैद की सजा काट रही है!जेलर के पद पर मेरी पोस्टिंग कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र की महिला … Read more

बांझ – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुगना आज अपने बच्चों को दूध पिलाते हुए अपने आप को संपूर्ण मान रही थी ,उसे एहसास हो रहा था कि जैसे वह आज पूर्ण स्त्री हो गई ,प्रभु जी ने उसकी लाज रख ली जो उसे मां बनने का सौभाग्य प्रदान किया, नहीं तो उसका आदमी बिरजू और उसकी … Read more

जीवन के रंग-मधु जैन  

प्रिया बड़बड़ाते हुए सूटकेस में कपड़ें रख रही थी। मुकुल ने उसे बिना कुछ कहे ही टिकट पकड़ाई। क्योंकि वह जानता था इस समय कुछ भी कहना आ बैल मुझे मार ही होगा। टिफिन उठाया और चुपचाप दुकान के लिए निकल गया। प्रिया के चचेरे भाई की बेटी की शादी थी। छुट्टियाँ होने से बच्चे … Read more

किसी को ज़लील करने का हमें हक नही – संगीता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” चलो काम तो किसी तरह खत्म हुआ अब थोड़ा आराम कर लेती हूँ !” रीना ने घर के काम खत्म कर ये सोचा ही था कि दरवाजे की घंटी बजी ।  ” नमस्ते दीदी !” रीना के दरवाजा खोलने पर सामने खड़ी लड़की बोली ।  ” नमस्ते  आप कौन … Read more

तू भी तो अभी वही कर रही थी – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मम्मी..! यह कैसे घर में रिश्ता कर लिया..? इन्हें ना तो हमारे स्टैंडर्ड का ख्याल है और ना ही हमारी इज्जत का… बारात से लौटी प्रिया ने अपनी मां ममता जी से कहा… ममता जी:   प्रिया..! यह सब बाद में सुनूंगी, अभी अपनी भाभी को लेकर अंदर जा… इसके … Read more

बेमिसाल मित्र –  लतिका श्रीवास्तव

   ….दोस्ती तो सुदामा और कृष्ण की थी ..अविनाश हमेशा अपने दोस्त अमित से कृष्ण सुदामा की दोस्ती की कहानी मनोयोग से सुनाते हुए कहा करता था…..बेमिसाल अनुपम और आत्मिक…..और सांसारिक स्वार्थो से परे…..हम दोनों की भी वैसी ही है….बहुत गर्व से कई बार कहा उसका ये वाक्य अमित के  दिमाग में कौंध रहा था….. ……………आज … Read more

चांदी के सिक्के – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : देखो भैय्या बुरा मत मानना, आज तुम्हारी भांजी का जन्मदिन है तुम्हे कोई ना कोई गिफ्ट तो देना ही है।मैं जानती हूं तुम्हारी माली हालत अच्छी नही है, इसलिये ये 21000 हजार रुपये रख लो,सबके सामने गिफ्ट में इन्हें दे देना।तुम्हारी और मेरी इज्जत रह जायेगी।और हाँ उस कमरे में … Read more

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