बेटी ही क्यों दे त्याग – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : काव्या जो ज़िंदगी को बिंदास होकर जीती थी । जिसने कभी भी ना झुकना सीखा , ना ही कभी ग़लत का साथ दिया । काव्या अपने पिता का मान है या यूँ कहे उनके जीवन का पूरा सारांश है तो गलत नहीं होगा । क्योंकि राम किशोर जी ने उसकी … Read more

भविष्य – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “मम्मी जी ये पैसे रख लो आज मुझे कंपनी से वेतन मिल गया है और हां मैंने आपके अकाउंट में भी ₹10000 डाल दिए हैं “राकेश ने अपनी मम्मी से कहा तो उसकी मम्मी पूनम ने  पैसे लेने से इनकार करते हुए कहा “बेटा तुम अपने पास रख लो जब … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : यूॅं ही कोई गृहलक्ष्मी नहीं बन जाती भाभी, खुद के लिए दूसरों के लिया सोचना करना होता है। अभी थोड़ी देर पहले ड्योढ़ी लाॅंघ कर आई विनया घूॅंघट की आड़ से अपनी ननद संपदा की कही बात सुन रही थी। “हाॅं, और क्या, तेरी माॅं को ही देख ले संपदा। … Read more

पापा के यादों की दीवाली – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : इस साल पति के जाने के बाद ,दूसरी दीवाली है शिखा की। त्योहार मनाने की जो ललक उनमें(पति)देखी थी शिखा ने,वैसा उतावलापन कल्पना के परे है।एक सप्ताह पहले से ही नाक में दम कर देते”तुम्हारी सुनीता को बुलाओ।गुझिया,कचौड़ी,सलोनी,नमकीन‌ और इमरती बनवा लेना।ये सभी चीजें‌ बेटी के होस्टल से आने से … Read more

गृहलक्ष्मी – पूजा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज दीवाली पर अनंत  ने अपनी कम्पनी के एक साल होने पर एक पार्टी रखी थी कंपनी के लोगों से मेरा परिचय अपनी पत्नी के रूप में करवा रहे थे ,आप मेरी पत्नी वेदांशी ”     कुछ विशेष लोगो को भी आमंत्रित किया था  और प्रचार के लिए मीडिया के भी … Read more

दोनों घरों का दायित्व निभाती हैं बेटियाँ – संध्या त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ओ हो आरोही… तेरी शादी लग गई है कुल मिलाकर महीना भर भी नहीं बचा है …बता , बैचलर पार्टी देगी भी या नहीं??? हम नहीं जानते हमें तो इस शनिवार बैचलर पार्टी चाहिए तो चाहिए बस।      आराध्या ने इतराते हुए आरोही को छेड़ा ….हाँ हाँ यार क्यों नहीं चलते हैं … Read more

कुछ फर्ज तुम्हारे भी – रत्ना साहू  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रोहन मॉर्निंग वॉक कर घर आया तो देखा अवनी बाहर जाने के लिए तैयार हो रही थी। “अवनी, हाॅस्पिटल जा रही हो?” “हां रोहन! और मैंने चाय नाश्ता बना दिया है। पीहू ने नाश्ता कर लिया है। तुम चाय पी लो और अपना टिफिन पैक कर लेना। मैं चलती हूं … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 12) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि शुभ्रा के घर चिठ्ठी फेंकने वाले कोई और नहीं उसके गांव के चाचा पुत्तु थे… वो अपनी गलती की माफी मांग चुके हैँ… नारायण जी ने माफ कर दिया हैँ उन्हे … ताऊ बबलू जी शुभ्रा को लेकर सुनार की दुकान पर … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 11) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि किसी अंजान द्वारा चिठ्ठी फेंके जाने से शुभ्रा के घर में सभी दुखी हो गए हैँ… उमेश के पिता नरेशजी के आग्रह पर शुभ्रा को ताऊ बबलू जी सुनार की दुकान पर लेकर जाने वाले थे … सभी घर के सदस्य मौजूद … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 10) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि घर के शादी के हंसी ख़ुशी के माहोल में शुभ्रा के  घर फेंकी गयी चिठ्ठी से  सभी के मन बुझ गए हैँ… पर दादा नारायण जी ने मना कर दिया हैँ कि अभी कोई भी लड़कों वालों को कुछ भी नहीं बतायेगा … Read more

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