समझौता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अब नहीं मानसी का आज बारहवीं का परिणाम आया था। उसने अपनी मेहनत से स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उसके पापा गांव में खेती करते थे। इससे आगे पढ़ने की सुविधा गाँव में नहीं थी। सभी गाँव वाले बधाई देने आ रहे थे। मानसी के मम्मी-पापा अपनी बेटी की सफलता पर खुश थे।  … Read more

भोर का उजाला – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

रीतिका के पापा आइये चाय बन गईं। चाय पी लीजिए। कहाँ है? आइये चाय ठंडी हो जाएगी। सुबह सुबह कहाँ चले गए? रीतिका की माँ चाय का कप लिए अपने पति को चाय पीने के लिए ढूंढ रही थी। जब घर मे दिखाई नहीं दिए तो फिर अपने आप मे ही बोलने लगी, पता नहीं … Read more

मूंगफली वाली पनीर – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“रविवार को एक दिन तो छुट्टी मिल जाती है तुम सबको,पर घर की औरत का जीना दूभर हो जाता है।एक दिन पहले से अपनी फरमाइश की फेहरिस्त बनाकर रख लेते हो,फिर सुबह से नाक में दम कर देते हो।ये दोनों बच्चे भी ना,तुम्हें घर में पाकर जैसे हांथी के पांच पांव देख लेते हैं।मजाल है,मेरी … Read more

बुरा वक्त हमारे जीवन को नयी दिशा दे जाता है – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

जिंदगी में सब-कुछ बड़ा हीं सुखद और सरलता के साथ चल रहा था….  वाणी और मयंक अपनी एकलौती बेटी के साथ जीवन के मजे लेते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे…  वैसे तो वो संयुक्त परिवार में रहते थे परंतु अभी केवल घर में मयंक का हीं ब्याह हुआ था…  दो भाई और एक बहन … Read more

समझौता – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीना एक निम्न वर्गीय परिवार से संबंध रखती थी।घर में दो भाई बहन मां बाप सब थे। बाप दिना नाथ एक चपरासी की नौकरी करता था।मां घर घर बर्तन मंlजा करती थीं। रीना सबसे बड़ी थी और देखने में भी सुंदर थी तो मोहल्ले के लड़के उस पर फब्तियां कसते रहते थे। शुरु शुरू में … Read more

नई  दिशा – अनिता मंदिलवार “सपना” : Moral Stories in Hindi

रीना के बेटे ने आज ऐसे खुशखबरी दी थी कि रीना के पैर  धरती पर नहीं पड़ रहे थे । मारे खुशी के आज तो नींद भी नहीं आ रही थी ।  रीना के गले में उसका बेटा रोहित बाहें डालकर कहा था मुझे आपको कुछ बताना है माँ और यह कहते हुए उसका गोरा … Read more

कच्चा चिट्ठा खोलना – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

अरे रे रे रे ये क्या कर रही है मेरी राजकुमारी सरोज ने अपने बेटे को देखकर बहू रेनू के सिर पर बड़े प्यार से हाथ रखकर कहा तुझे इतना काम करने की जरूरत नहीं है अभी तो तेरे हाथों की मेंहदी भी नहीं छूटी अभी तो मेरी बहुरानी के आराम करने के दिन है।रेनू … Read more

समझौता अब और नहीं – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मालिनी चाय का कप लेकर अपने घर की बालकनी में आ बैठी,चाय सिप करते करते देखा कि हर कोई बस भागा चला जा रहा है,जैसे कोई ट्रेन पकड़नी हो,फिर खुद ही मुस्करा दी। पिछले पन्द्रह दिनों से वह भी तो भाग हीरही थी।पिछले कुछ दिनों से लाइफ में इतनी भगदड़ की मची रही कि सुकून … Read more

अब समझौता नहीं हो सकता। – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

 राधा जी के मोबाइल में उनकी नातिन शुभ्रा की सगाई का कार्ड व्हाट्सएप के द्वारा आया था।  शुभ्रा की सगाई का कार्ड देख कर वह समझ रही थी कि उनकी बेटी जया चाहती है कि मायके से उसके संबंध सुधर जाए परंतु वह जानती थी कि अब कोई समझौता नहीं हो  सकता।      राधा जी अपनी … Read more

पुनर्जन्म – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“काव्या ,ओ काव्या !अरे कहां हो तुम?देखो अभी एक और ऑर्डर आया है लंच का।छत से उतरोगी कब तुम?अभी बता दो क्या -क्या करना है मुझे?बाजार जाना है क्या?रविशंकर जी पत्नी काव्या के छत से नीचे आने की प्रतीक्षा लगभग घंटे भर से कर रहे थे। बालों का जूड़ा बनाते हुए,माथे का पसीने पोंछते हुए … Read more

error: Content is protected !!