महत्व और समर्पण – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi
अरे भागवान, नौकर है तो, मेरा सब कुछ करता तो है,फिर क्यूँ मेरे पास ही बैठी रहती हो?मेरा क्या है,मैं तो बुझता चिराग हूँ। ऐसा क्यूँ बोलते हो,क्यूँ मेरा हक समाप्त करते हो?मेरे जीवन मे तो तुम ही हो,कैसे तुम्हे छोड़ दूं अकेले। दोनो के विवाह को पचास वर्ष इसी माह पूरे होने वाले थे।उनका … Read more