मेरी बेटी की जिंदगी अनमोल है। – अर्चना खंडेलवाल  : Moral stories in hindi

‘सुधा जरा तेल गरम करके ले आ, पैरों की मालिश कर दें, आज बहुत दर्द हो रहा है।” आटा गुंथती सुधा जी के कानों में ये आवाज पड़ी तो उसके हाथ जल्दी से चलने लगे, उन्होंने फटाफट आटा ढका और तेल लेकर सासू मां  दमयंती जी के कमरे में चली गई। “बड़ी देर लगा दी, … Read more

एक बार फिर – बालेश्वर गुप्ता  : Moral stories in hindi

अपने एकलौते बेटे नीरज की अपने पिता रंजीत जी से की जा रही गुहार ने रंजीत जी को अपने ही जीवन के अतीत में लाकर खड़ा कर दिया।ऐसे ही वह अपने पिता मुरारीलाल जी से अनुमति मांग रहे थे  बाबूजी मुझे एक सप्ताह के लिये बनारस जाना है।बाबूजी के कारण पूछने पर रंजीत ने बताया … Read more

सुरक्षा कवच एक मां का – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral stories in hindi

संगीता बड़ी ही होशियार एवं सुन्दर मासूम सी बच्ची थी। अभी उसने केवल सत्रह वसंत ही देखे थे कि उसकी दादी ने घर में  उसकी शादी को लेकर हंगामा मचा रखा था। सुबह शाम, उठते बैठते वे एक ही रट लगाएं थीं कि संगीता की शादी जल्दी करो। उनके हिसाब से जवान होती बेटी की … Read more

दायित्व या त्याग – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

  जज अंकल …आप तो मुझे ही मम्मी पापा से अलग कर दीजिए ..मेरा मतलब तलाक दे दीजिए …ये क्या है ना , मम्मी अलग मुझे समझाती रहती हैं कि …जब जज साहब पूछे किसके साथ रहना है तो मैं उनका नाम लूं… और पापा अलग समझाते हैं कि मैं उनका नाम लूं…. मैं तो रोज-रोज … Read more

ज्यादा ना सही थोड़े बहुत वचन  तो मैं भी निभा लूं-हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

अरे अरे…. गायत्री जी… आज नाश्ता वास्ता रहने दीजिए !क्यों… आज नाश्ता नहीं करने का विचार है क्या? आज क्या बाहर खिलाने ले जा रहे हो? हां… ऐसा ही समझ लो… आज हम दोनों अपना टेस्ट करवाने जा रहे हैं! क्यों… हम कोई बीमार थोड़ी है जो हमारा टेस्ट होगा,! अरे.. बीमार नहीं है इसलिए … Read more

क्या कमी है तुम्हारे ससुराल में – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

भगवान का दिया क्या नहीं है नीति के पास ससुराल में, नहीं है तो संतुष्टि। कितना प्यार करने वाले सास ससुर ख्याल रखने वाला पति निलेश और दो प्यारे से बच्चे अरु और सार्थक, अरु यूकेजी में पढ़ती है और सार्थक अभी ढाई साल का ही है। उसके ससुर प्राइमरी स्कूल मैं टीचर थे जो … Read more

बच्चों का दायित्व – मंजू ओमर: Moral stories in hindi

दरवाजे की बेल बजी तो रागिनी ने उठकर दरवाजा खोला तो सामने उपासना खड़ी थी ,उसको अचानक देखकर रागिनी ने पूछा अरे उपासना तुम ,तुम कब आई इलाहाबाद से उपासना कुछ न बोलकर रागिनी के गले लगकर रोने लगी ।अरे उपासना क्या हो गया क्यों रो रही हो आओ अंदर बैठो फिर बात करते हैं … Read more

दायित्व – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

माधवी आज जब से बेटे का ओरिएंटेशन प्रोग्राम अटेंट कर घर आई है। उसका मन कभी अतीव प्रसन्नता का अनुभव कर रहा है और कभी दौड़ कर अतीत की ओर भागता हुआ गम के सागर में डूब रहा है।  आज ओरिएंटेशन प्रोग्राम में कई बेटियों को अपना परिचय देते देख वो अभिभूत हुई जा रही … Read more

श्रद्धांजलि (अंतिम भाग ) – बीना शुक्ला अवस्थी: Moral stories in hindi

बदले में सुकन्या की हॅसी सुनाई दी – ” मुझे इतना मूर्ख कैसे समझ लिया? एक बार धोखा खाने के बाद दुबारा धोखा खाना मेरा स्वभाव नहीं है। मैं जानती हूॅ कि तुम कोई चाल चलकर मुझसे वो सारे प्रमाण प्राप्त करने का प्रयत्न करोगे लेकिन सूचना के लिये बता दूॅ कि मेरे अपहरण और … Read more

श्रद्धांजलि (भाग 9 ) – बीना शुक्ला अवस्थी: Moral stories in hindi

सुकन्या ने मेट्रो में मिली लड़की रजनी की बात भी उसे बताई। मृत्युंजय चाहता था कि सब कुछ पुलिस को बताकर वरदान को गिरफ्तार करवा दिया जाये जबकि सुकन्या चाहती थी कि वरदान का दाम्पत्य पूरी तरह बरबाद हो जाये और उसके पास अपनी पत्नी और बच्चों के पास लौटने के रास्ते बन्द हो जायें। … Read more

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