दायित्व अपना-अपना – सुभद्रा प्रसाद: Moral stories in hindi

आदित्य ने आफिस से आकर अपना बैग टेबल पर रखा तो उसकी निगाह फिर उस लिफाफे पर पड़ गई, जो उसे परसों मिला था  | यह लिफाफा उसके पिता ने उसे भेजा था और आदित्य ने उसे बिना खोले ही रख दिया था | वही, पिताजी ने उसे भारत आने के लिए लिखा होगा ,उसने … Read more

सौतेला कौन ? – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

माही की नजर बार बार घड़ी की और जाती वो बेचैनी से दरवाजे तक जाती फिर वापिस सोफे पर आ बैठ जाती। उसके  बेटे उज्जवल को कॉलेज से आने में देर जो हो गई थी तो एक मां का बैचैन होना स्वभाविक था। तभी उज्जवल आता दिखा और उसकी जान में जान आई…! ” बेटा … Read more

मध्यमवर्गीय परिवार-निषिद्ध प्रेम – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

उम्र में बहुत छोटा था वह,पर ज़िंदगी का तजुर्बा बहुत ज्यादा।लेखनी में जादू,आवाज में गंभीरता और स्वभाव से बहुत गंभीर।शिखा से उसकी मुलाकात एक इंटरव्यू के दौरान हुई थी।हर विषय में असाधारण पकड़ थी उसकी।शिखा अपने बुलावे का इंतज़ार कर रही थी।एक -एक करके सभी उम्मीदवार शिक्षक निर्णायक कक्ष में जा रहे थे,और कुछ मिनटों … Read more

पुन्नु – डा. इरफाना बेगम: Moral stories in hindi

बैलों के जोडे मेला से खरीद कर आये थे। सभी लोग काफी उत्साहित से थे। जैसे ही बैलों वाली गाडी खोली गई बैलों के साथ उस गाडी में से एक काला सा छः फुट से भी लम्बा तडंगा व्यक्ति दिखाई दिया। बडे बडे बाल लाल आखे शरीर पर नाममात्र के भी कपडे नहीं थे। पूरा … Read more

जैसे को तैसा – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

   लाजो जी थोड़ा बहुत काम में आप भी हाथ बंटाया कीजिए बहू श्वेता के….. इससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा आप एक्टिव भी रहेंगी और श्वेता की काम में मदद भी हो जायेगी…! बजरंगी प्रसाद जी ने पत्नी लाजो जी को समझाने की कोशिश की…।           देखिए जी अब मुझसे काम धाम नहीं होता… हड्डियों में दर्द … Read more

किसका दायित्व – स्नेह ज्योति : Moral stories in hindi

विक्की आज तुम इस समय घर पर क्या कर रहे हो ?? पापा आज मेरी तबियत ठीक नही थी । इसलिए मैं आज स्कूल नही जा पाया । सच्ची में ख़राब है या किसी कारण वश ऐसा कर रहे हो । नही, पापा सच में ख़राब है……तभी वहाँ विक्की की माँ आ जाती है और … Read more

सेवा निवृत्ती – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

आज राज, उ. मा. विद्यालय अन्ता में गहमा गहमी थी कारण श्री केश्व दत्त शर्मा प्रधानाचार्य  सेवा निवृत्त हो रहे थे सो उनका विदाई  समारोह आयोजित था। बच्चे और स्टाफ मन से तैयारी कर रहे थे कारण उनका व्यवहार सबसे सौहार्दपूर्ण रहा। वे विद्यालय के बच्चों एवं  स्टाफ को अपना परिवार समझते थे। किसी के … Read more

दायित्व का अर्थ अति नहीं! – अनिला द्विवेदी तिवारी: Moral stories in hindi

रजनीश एक शान्त  स्वभाव का सीधा-सादा सा लड़का था। उसके माता-पिता, गाँव में खेती-किसानी करते थे और चाचा शहर में डॉक्टर थे। अतः रजनीश हायर सेकेंडरी की पढ़ाई गाँव की स्कूल से उत्तीर्ण करने के बाद, आगे की पढ़ाई के लिए, अपने चाचा के साथ शहर आ गया था। शहर में उसके चाचा ने उसे … Read more

चार सूट सलवार की कहानी -नेकराम  : Moral stories in hindi

जीवन मिश्रा उनकी पत्नी जीविका मिश्रा का आज दोनों का सालगिरह का दिन है घर फूलों से सजा हुआ है दूर-दूर से मेहमान आए हुए हैं आसपास के लोग तो पहले से ही इकट्ठा हो चुके थे घर में खुशी का माहौल था जीवन मिश्रा और उनकी पत्नी जीविका मिश्रा केक काटने ही वाले थे … Read more

दायित्व – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

क्यों मां क्या कमी की आपके बेटे ने आपकी जिम्मेदारी निभाने में उन्होंने तो कभी अपनी निजी जरूरत को भी कोई तवज्जो नहीं दी फिर उनसे इतनी शिकायत क्यों माँ। आपने उन्हें बेईमान क्यों कहा सुनीता अपने आप में ही बड़बड़ाये जा रही थी अपने पति शशांक के सिरहाने बैठे हुए, शशांक और निर्मला जी … Read more

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