माँ दुख सहने की भी एक सीमा होती है…. – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi
“सबकी लाइफ़ में कोई ना कोई दुख तो होता ही है पर इतना दुख…..माँ तुम क्यों अपनी ज़िन्दगी को दुखों का भंडार बनाती जा रही हो….जितना सुनोगी सहोगी… सब बस तुम्हें ही सुनाएँगे और तुम अकेले यूँ ही बैठ कर रोती रहोगी ।” राशि अपनी माँ को समझाते हुए बोल रही थी. “ सब समझती … Read more