सुख-दुःख के रंग अपनो के संग – स्नेह ज्योति : Moral stories in hindi

भोर होते ही दरवाज़े की घंटी बजने लगी । दरवाज़ा खोलने में देर होने पर बार बार बजने लगी । तभी प्रतिभा उठी…..रुक जाओ भाई कौन है जो इतनी सुबह-सुबह शोर मचा रहा है । दरवाज़ा खोलते ही अपने बेटे को सामने देख प्रतिभा ख़ुशी से फूली नही समा रही थी । विप्लव तुम आ … Read more

मै अपनी मम्मी के साथ रहूंगा – अर्चना खंडेलवाल  : Moral stories in hindi

“मम्मी, हम आज फिर कहां जा रहे हैं? जो आप जल्दी -जल्दी होमवर्क करने को कह रहे हो?  राहुल ने पूछा। “राहुल, आज मीना मौसी की शादी की सालगिरह है, बस हमें भी वहीं जाना है, वहां तेरे  नाना, नानी सब लोग आयेंगे, बहुत अच्छा लगेगा, खुश होते हुए  वीणा ने कहा। “क्या, मम्मी अभी … Read more

माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

बेटा 2 साल हो गए तुझे देखे हुए कब आएगा आंखें तरस गई हैं परदेस जा के ऐसा बैठ गया की मां-बाप की सुध भी नहीं रही तुझे, तेरी मां भी हर समय तुझे याद किया करती है हमारा इकलौता सहारा है तू जीने का। अरे यहां दिल्ली में दो-दो मकान है हमारे । मेरी … Read more

हैप्पी होली जीजी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

सावन में भाई के ना आने से मुंह फुलाकर बैठी थी सुमन।ससुराल में बहू की इज्जत तभी होती है,जब मायके में उसकी पूछ परख हो।कितने चाव से भाई -भाभी के लिए कपड़े खरीदकर लाई थी। सास-ससुर के बगल वाले कमरे की सफाई भी कर रखी थी,उनके ठहरने के लिए।मां के जाने के बाद पहली बार … Read more

दूरदर्शिता – निभा राजीव “निर्वी”  : Moral stories in hindi

“-अरी बहू! अगर तुम दोनों मां बेटी की गुटर गूं खत्म हो गई हो तो अब जाकर उसे स्कूल के लिए बस स्टॉप पर छोड़कर आओ…वापस आकर आगे भी कुछ काम करने हैं या नहीं। तुम्हारा आधा समय तो इसे पहुंचाने और लाने में ही बीत जाता है…. और फिर हड़बड़ी में जैसा तैसा काम … Read more

धिक्कार – हिमांशु जैन मीत : Moral stories in hindi

जीवन विविधताओं में ढला हुआ एक ताना बाना है जिसमें नफ़रत और प्यार जैसी भावनाएं कदम कदम पर आपके इम्तहान लेती रहतीं हैं…. अक्सर बेदखल जैसे शब्द को सुनकर माता पिता द्वारा अपनी संतान को बेदखल करने की तस्वीर ही ज़हन में उभरती है…… लेकिन यह कहानी ठीक इसके विपरीत है.. जी हाँ,ये कहानी है … Read more

धिक्कार है धिक्कार – सुभद्रा प्रसाद : Moral stories in hindi

रात के दो बजकर दस मिनट हो चुके   थे |प्रियंका स्टेशन के प्लेटफार्म  पर शाल ओढ़े चुपचाप बैठी थी | उसे समझ नहीं आ रहा था,  वह क्या करे? रात दो बजे वाली ट्रेन आकर आगे जा चुकी थी और उसका मन तेजी से पीछे की ओर भाग रहा था |       … Read more

प्रेम की अनुभूति – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

“केशवी सुन तो बेटा किधर भागी जा रही है… तेरे दोस्त आते ही होंगे…अच्छे से तेल लगा लेना नहीं तो रंग छुड़ाते वक्त रोने लगेगी ।”कला अपनी बेटी को घर से बाहर जाते देख कर जोर से बोली “ आती हूँ माँ पहले अपने कान्हा के साथ होली तो खेल आऊँ नहीं तो वो ग़ुस्सा … Read more

कुछ बड़े ऐसे भी होते है … – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

क्या पापा… सुबह सुबह खटर पटर की आवाज लगा रखी है स्टोर  रूम में..??? रात के चार बज रहे है ….. सबकी नींद खराब कर दी….. कर क्या कर रहे है आप यहां ?? बतायेंगे…. ?? झल्लाता हुआ बेटा राजीव अपने पिता कैलाशजी से बोला….. जिनकी उमर यही कोई 75 वर्ष के आस पास रही … Read more

साथ की जरूरत…रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

बच्चे दरवाजे पर आज तीन दिनों से… सुबह शाम नजर गड़ाए हुए थे…कब आएंगे अंकल… गोलू बोला… “लगता है आज भी नहीं आएंगे अंकल…!” ” नहीं ऐसा मत बोलो… अंकल जरूर आएंगे…! गुड़िया बोल पड़ी…  अचानक से एक बच्चा चीखा…” वह देखो अंकल की कार…!”  सारे बच्चे उधर ही दौड़े… हां यह तो अंकल की … Read more

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