मन का तकरार – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

यह तो बिल्कुल मेरे जीवन की ही कहानी है। पत्रिका में छपी एक कहानी पढ़ते पढ़ते नीना खो सी गई थी, शादी के तेईस साल बाद भी उसके पति भी तो इसी तरह हर बात में “दिक्कत है तो अपना रास्ता देख लो”, कहते हिचकते नहीं है और वो तनाव से भर उठती है और … Read more

प्यास लगने पर कुआं नहीं खोदा जाता – पूर्णिमा सोनी : Moral stories in hindi

कितना अच्छा लड़का मिल रहा है!.. मौसी ने बताया है .. कितनी अच्छी मां हैं लड़के की, कितने प्यार से बात कर रही थीं.. अच्छे से रखेंगी हमारी वर्तिका को….  भई हमें तो पसंद है यह रिश्ता पसंद है.. मैं तो कहती हूं जी, हमें फटाफट शादी की तैयारी करनी चाहिए.. लेकिन मां,मेरा मास्टर्स करने … Read more

सुबह का भूला यदि शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते !! -स्वाति जैन : Moral stories in hindi

अरे , चाय बनी या नहीं अब तक ?? सुशीला जी गुस्से में चिल्लाई !! रसोई में टिफिन बनाती बहू रीमा बोली बस मम्मी जी !! चाय बन गई हैं अभी लाई !! जल्दबाजी में रीमा ने चाय कप- प्लेट में छानी और बाहर सुशीला जी के लिए ले जाने लगी कि उसके हाथ से … Read more

चक्रव्यूह – अर्चना सिंह : Moral stories in hindi

घर में बहुत गहमा गहमी चल रही थी, काफी दिनों से हालात ठीक नहीं नजर आ रहे थे। चीकू अपने कमरे में सुस्त पड़ा अंदर ही अंदर सोच रहा था कि माँ ने आवाज़ लगाई, चीकू बेटा! जल्दी उठो, हमें देर हो रही है। चीकू ने बहुत रूखे स्वर में कहा नहीं जाना मुझे जो … Read more

फ्रिज का पानी – नेकराम : Moral stories in hindi

गर्मी शुरू हो चुकी आज बर्फ का ठंडा पानी पियेंगे मां ने मुझे दो रूपए देते हुए कहा,,मैंने झट दो का नोट पकड़ते हुए मां से कहा  मुझे शर्म आती है दो रुपए की बर्फ लाने में दुकानदार हमेशा चिक चिक करता है कहता है पांच रुपए की बर्फ है फिर भी मुझे दे देता … Read more

मां की भी तो चाहत थी – मोना नरेंद्र जैन : Moral stories in hindi

नमिता की उम्र कोई तीस के आसपास की रही होगी, जब उसका पति योगम उस रात सोया तो ऐसा कि फिर उठा ही नहीं। अकेलापन भी नमिता को इतना न कचोटता होगा, जितना लोगों द्वारा दिखाई दया। खैर थोड़ी सी पढ़ी-लिखी और मेहनती नमिता को जो काम मिला वो उसने मेहनत से करके अपनी बेटी … Read more

तकरार – हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

छोटे बेटे की शादी में विशंभर  जी को डांस करते देखकर पता नहीं क्यों उनकी पत्नी और बेटी की आंखें भर आई, इतने सालों में कभी विशंभर जी को इतना खुश नहीं देखा, छोटा बेटा बहुत ज्यादा सीधा था, इस नए जमाने की हवा उसे लगी ही नहीं थी, इस जमाने का श्रवण कुमार था … Read more

दो हंसों का जोड़ा – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

वैभव ने यूपीएससी  की परीक्षा उत्तीर्ण करके आई.पी.एस में अच्छी रैंक प्राप्त की थी। आज उसकी ट्रेनिंग समाप्त हो गई थी।उसका सरकारी नौकरी को लेकर जो स्वपन था वो आज पूर्ण हो गया था। इस नौकरी को प्राप्त करने के पीछे उसको अपनी ज़िंदगी से जुड़े बहुत सारे रहस्य जानने थे। जिसका पहला पड़ाव उसने … Read more

कलंकित बहू – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

  आकर्षक व्यक्तित्व की स्वामिनी मोहिनी देवी एक सशक्त महिला होने के साथ साथ घर की मुखिया का किरदार भी बखूबी निभा रही थीं…I दो बेटों और पोते पोतीयो से भरा पूरा परिवार को उस दिन ग्रहण लग गया जब एक कार दुर्घटना में मोहिनी देवी के पति और छोटे बेटे अमन की आकस्मिक मौत हो … Read more

कैसे हैं ये बंधन – मुकुन्द लाल   : Moral stories in hindi

   “छोड़ दे बाबूजी!… हे मांँजी छोड़ाओ हमको!… बचाओ दीदी!… अरे कोई तो समझाओ!… मेरा बापू मजबूर है, कहाँ से देगा रुपया!… तरस खाओ भैया जी!…”    नलिनी विलाप कर रही थी। रो-रोकर अपनी जान की भीख मांग रही थी। अपने ही परिवार के अपने सास-ससुर, जेठ-जेठानी और अपने पति को संबोधित  करके गुहार लगाती रही लेकिन … Read more

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