हैप्पी  न्यू इयर – सुधा शर्मा : Moral Stories in Hindi

   क्या गजब चल रही थी पार्टी, शानदार आयोजन । शराब और शबाब का समायोजन, बहुत खूबसूरत ।पूरे शहर के चुनिंदा खास बिजनेस मैन अपनी पत्नियों के साथ मौजूद थे।            नीलम खूब  सुन्दर लग रही थी , खूब महँगी  शिफान की साडी खूब गहरा मेकअप, डायमंड की खूबसूरत ज्वैलरी, होठों पर मुस्कान  चिपकाये , आखिर पति … Read more

मैंने अपना फर्ज निभाया – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

श्यामलाल पढ़े-लिखे और समझदार इंसान थे । गांव में उनकी चलती थी किसी के घर कोई लड़ाई झगड़ा होता तो वह तुरंत ही सुलाझाते थे । श्यामलाल ने बी ई किया था 1970 में । और उनकी अच्छी खासी नौकरी शहर में लगी हुई थी…  लेकिन उनका मन गांव में रमता था… 2 साल लगभग … Read more

हम बड़े हैं, छोटो से क्यों सीखे? – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

सुनो कल्पना! वह जो कल गोंद के लड्डू बनाए थे ना? उसे पूरा रख देना सूटकेस में, भावना को इसकी अभी सख्त ज़रूरत है, मुझे तो पता ही है तुम्हारी चटोरी आदत, कुछ ना कुछ रख ही लोगी, आशा जी ने अपनी बड़ी बहू कल्पना से कहा  आशा जी यह सब कह ही रही होती … Read more

जिल्लत के छप्पन भोग – मनीषा भरतीया : Moral Stories in Hindi

बाबूजी कब तक मुफ्त की रोटियां तोड़ते रहेंगे?? चलिए उठिए  जाकर बाजार से सब्जी और फल ले आइए…. और हां यह लीजिए 10 किलो गेहूं  है…”इसका आटा भी पिसवा कर ले आइएगा!  “लेकिन प्रिया बेटा तुम तो जानती हो कि मैं 10 दिन से बुखार से पीड़ित था… आज अभी तो बुखार उतरा है… मेरे … Read more

मेरी दोनों बहू आपस में बहन जैसी रहती है! – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

सुरभि आज कल बहुत ख़ुश थी क्योंकि अभी तक वो अपने ससुराल में सबसे छोटी बहू थी जो पूरे परिवार की दुलारी थी , लेकिन कुछ ही दिनों के वो # जेठानी बनने वाली थी।                             सुनिधि का ब्याह एक बड़े परिवार में हुआ था। उसके ससुराल में सास-ससुर और उसकी तीन बड़ी जेठानी और चार … Read more

“सम्मान की सूखी रोटी” – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रामचरण जी की शहर में ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग की फैक्ट्री है । रामचरण जी एक सुलझे हुए दयाशील सर्वगुण संपन्न बहिर्मुख व्यक्तित्व के मालिक हैं । व्यवहार कुशलता ही उनके जीवन की आधारशिला है । जो उनके पारिवारिक संस्कारों को आधार है । अपने पारंपरिक व्यवहार कुशलता भाव भंगिमा से परिलक्षित होती है । यही … Read more

दर्द – राशि सिंह : Moral Stories in Hindi

शादी के दस साल बाद भी संतान न हो पाने का दर्द सुहानी को भी है। जब हँसते खिलखिलाते हुए छोटे बच्चों को देखती है तो ममता जा उठती है बारिश के दिनों में बरसने को आतुर उमड़ते घुमड़ते बादलों की तरह मगर जब हकीकत का एहसास होता है तो खुद को रोक लेती है। … Read more

मुश्किल फैसला – डॉ. दीक्षा चौबे  : Moral Stories in Hindi

रक्षा अपने दो वर्ष के बेटे विवान की देखभाल के लिए आया ढूँढ़ रही थी तभी उसकी सहेली रमा ने लक्ष्मी को भेजा था। एकबारगी उसके शालीन पहनावे और सुघड़ता को निहार कर रक्षा झेंप सी गई। कहीं  गलती से कोई और तो नहीं आ गई । स्पष्ट रूप से उसने पूछा –”आप बच्चे की … Read more

प्रत्यागमन – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

बिपाशा क्या कर रही हो..? यह करने से पहले मुझसे पूछा होता, लवली भाभी बोली।  भाभी यह छोटे-मोटे काम के लिए आपसे क्या पूछना.. अपना घर है, इसलिए मैं खुद ही कर रही हूंँ। नहीं बिपाशा दीदी ..! कौन सामान कहांँ रखना है यह तुम अपनी पसंद से नहीं मुझसे पूछ कर ही रखोगी..? “भाभी … Read more

 सम्मान किसी पद या विभाग का मोहताज नहीं होता – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

सुबह की ठंडी हवा चल रही थी; कैलाश नाथ जी छत पर बैठकर सुबह की चाय का आनंद ले रहे थे और अखबार पढ़ते जा रहे थे कि तभी अखबार के एक पृष्ठ की हैड लाइन पर उनकी नजर पड़ी ‘प्रधानाचार्य कक्ष में बोर्ड परीक्षाएं देते विद्यार्थी पकड़े, कार्यवाही’ जब उन्होंने पूरी खबर पढ़ना शुरू … Read more

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