आपको बहु नहीं, चलता फिरता रोबोट चाहिए – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

जब मेरी शादी की बात चल रही थी तो चौंका देने वाली बात मेरी सासू मां ने कही – उन्होने सीधा ऐलान कर दिया – मुझे बहु नहीं, मुझे तो रोबोट चाहिए |  पापा, चाचा, चाची , मासी, भैया , सब हैरान !  आश्चर्य जनक चाचू ने पूछा , क्या कहा !  मां ने अपना … Read more

आपको बहू नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए” – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“रश्मि मेरे कपड़े क्यों नहीं निकाले अभी तक ।ऑफिस में अक्सर देर से पहुंचता हूं एक तो सड़क पर ट्रैफिक की मारा मारी ऊपर से तुम कोई काम वक्त पर करती नहीं हो”राजेश ने घर सिर पर उठा लिया था ये एक दिन की बात नहीं थी।सुबह की सैर के बाद लाॅन में बैठे सास … Read more

**ग़लती** – ममता चित्रांशी : Moral Stories in Hindi

       आंख खुली तो देखा घड़ी में सात बजे है, रश्मि घबराकर उठी,आज तो उठने में देर हो गयी …बाहर आयीं तो सासूमां का बोलना चालू हो गया …!!    उठ गयी महारानी …!!  आज चाय कब मिलेगी ..?? शादी को दस साल हो गये,आज तक समय पर काम करना नहीं आया …!!      जल्दी से चाय बनाकर … Read more

आपको बहु नहीं रोबोट चाहिए – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

सुबह के हल्के कोहरे के बीच कॉलोनी की छतों पर धूप अब तक पूरी तरह नहीं फैली थी। घर के भीतर घड़ी की सुइयाँ जैसे सारा की धड़कनों के साथ दौड़ रही थीं। रसोई से उठती चाय की भाप और गीले गैस का धीमा सुलगता स्वर, उस घर की रोज़ की कहानी कहते थे। सारा … Read more

मौन स्वीकृति… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”रितु उसे गोद ले ले बेटा… देख तो कब से रोए जा रहा है… तुम्हारी भाभी अंजना किचन में है ना…!” रितु ने आशु को उठाकर गोद में ले लिया… कल फिर आशु के पैर के पास चीटियों की लाइन चली जा रही थी…  कनक लता जी ने देखा तो चिल्ला पड़ीं…” रितु बाबू को … Read more

पत्नी से बहू तक का सफर – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शालिनी के हाथ की थाली का , आरती का जलता दिया ,आंखों की अश्रु बूंद से धुंधला हो रहा था। घर में रौनक भरी हँसी-ठिठोली गूंज रही थी, आज छोटे बेटे अर्जन की दुल्हन ब्याह कर आ रही थी। हर चेहरे से खुशी छलक रही थी, पर शालिनी का मन भीतर  सिसक रहा था। उसका … Read more

मन की गांठे खुल जायेगी – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

मै रायपुर नहीं जाऊंगी, आपको जाना है तो आप चले जाओं, वैसे भी उस घर में कोई इज्जत और मान-सम्मान तो मिलता नहीं है, आपकी मम्मी है, आपका भाई है आपको जाना हो तो चले जाओं, निधि ने एक सांस में ही सब कह दिया, जतिन ने ज्यादा बहस नहीं की, क्योंकि उसे भी पता … Read more

“मन की गाँठ – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

“मेरी रचना मन की गाँठ में पांच पात्र हैं जिनके मन की गाँठ खुल नहीं रही ।आगे देखते हैं क्या होता है ।इस कहानी में राघव जी उनकी पत्नी सीमा,उनका बेटा विनय उसकी पत्नी विभा और एक शादी शुदा बेटी रीना है ।पहले राघव जी की सुनते हैं—मेरा बेटा विनय बहुत अच्छा और आज्ञाकारी है।मैं … Read more

समझदार सास और बहू – पूनम अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राम राम जिज्जी, आओ , बड़े समय के बाद आना हुआ । आप पहले से बता देतीं तो मैं बड़के बिटवा को स्टेशन आपको लेने भेज देती  , अपनी बड़ी बहन को आया देख कर रामकली बोली ।  अरे बहू सुषमा , तनिक एक गिलास पानी तो ला बेटा , देखियो तुम्हारी रामपुर वाली  बड़ी … Read more

बस इतना सा ख्वाब है – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

दीपा और रागिनी बचपन की मित्र हैं और संयोग से दोनों की शादी भी एक ही शहर में हो गई । समान शौक , बचपन की दोस्ती और एक ही शहर में रहते अब भी इनकी प्रगाढ़ दोस्ती में कोई अंतर नहीं पड़ा है। एक दिन अचानक ही रागिनी ने दीपा को फोन किया और … Read more

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