‘ तुम भी किसी की बुआ बनोगी ‘ : कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

स्कूल से आते ही गुस्से से पीहू ने बैग सोफे पे पटका और सरोज से बोली “दादी,मैं स्कूल में आज इरेसर ले जाना भूल गई थी..मुझे कुछ मिटाना था इसलिए मैंने अपनी फ्रेंड शीना से इरेसर मांगा तो उसने मुझे नहीं दिया…कहने लगी..मेरा इरेसर खराब हो जाएगा।मेरी सारी ड्राइंग खराब हो गई..मैडम ने भी मुझे … Read more

 मन की गांठ : सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

आज सुमन तैयार हो 7:00 बजे घर से निकल गई । कॉलेज के लिए । आज 15 अगस्त है । कॉलेज के फंक्शन की तैयारी आदि ठीक-ठाक है । उसका सारा स्टाफ तैयारी में लगा था आज के फंक्शन की । सबसे महत्वपूर्ण विषय है कॉलेज की भूतपूर्व प्रधानाचार्य प्रिंसिपल प्रभा जी चीफ गेस्ट बन … Read more

 मन की गांठ : प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

जैसे ही डोरवैल बजी सविता ने दरवाजा खोला, दरवाजे पर उसकी ननद नीरू खड़ी थी जिसे देखकर सविता चौंक गई क्योंकि आज वह 3 साल बाद आईं थी और वह भी बिना किसी पूर्व सूचना के, 3 साल पहले उनसे दोनों भाइयों सविता के पति पंकज और देवर धीरज का मनमुटाव हो गया था जिसके … Read more

 मातृदिवस : के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वैष्णवी अपने कमरे की बालकनी में बैठी हुई डूबते हुए सूरज को देख रही थी । वह रोज उगते सूरज और डूबते सूरज दोनों को देखती है । उसे हर रोज इस उगते और डूबते सूरज को देखने में एक अलौकिक आनंद मिलता है । लोग कहते हैं कि सूरज का उगने और डूबने को … Read more

 लालच के दलदल : “मातृ देवो भव” : Moral Stories in Hindi

अथाह अचल सम्पत्ति की मालकिन प्रभावती देवी आज वृद्धा आश्रम के बगीचे में बैठी सामने खड़ी ऊँची ऊँची दीवारों को एकटक घन्टों ताकती रही जिन दीवारों के उस पार देखना सम्भव ही नहीं था। वैसे भी उस पार देखने की जरूरत ही क्या है..? यह वृद्धा आश्रम अच्छा संसाधन जो सुरक्षित, सहायक और सामाजिक रूप … Read more

 अन्तर्व्यथा – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शाम की धीमी रोशनी कमरे में फैल रही थी, और खिड़की से आती हवा में भी जैसे कोई थकावट घुली हुई थी। जानकी चुपचाप चारपाई पर लेटी थी, आँखें बंद थीं पर नींद कोसों दूर। सिर दर्द से फटा जा रहा था, लेकिन उससे भी ज्यादा उसका मन टूट चुका था। दस साल से इस … Read more

अनकही टीस – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

सौम्या की छोटी बेटी छुट्टियों में घर आई थी,अपनी सहेली की दीदी की शादी में।आकर उसने बड़े चाव से शादी में पहनने के कपड़े दिखाने जैसे ही शुरू किए ,सौम्या बेटे के साथ मिलकर मजाक उड़ाने लगी”अरे,ये लंहगा तो अच्छा नहीं लगेगा,कुछ और पहनना”ज्वेलरी में भी मीन-मेख निकालती रही सौम्या।बेटी पिछले बारह सालों से बाहर … Read more

आपने तो मुझे रोबोट ही समझ लिया – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

पूनम मटकी का एक गिलास ठंडा पानी ले आ, और ये आम पानी में डाल दें, साथ ही गैस पर चार कप चाय चढ़ा दें, फ्रिज से लौकी निकालकर रख दें, टमाटर और मिर्ची भी, और हां धनिया भी ताकि शाम की चाय के साथ-साथ सब्जी की तैयारी भी हो जायेगी, मौसी ने‌ जो बीकानेरी … Read more

चाची – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

कुछ आर्टिकल लिख रही थी उमा कि बाई ने आकर बताया गेट पर कोई है । आपके नाम से पूछ रहीं हैं । मेरे नाम से ? जी कह रहीं हैं कि उमा हैं ? इस तरह तो मुझे केवल मेरे बहुत अपने ही संबोधित करते हैं,पर बिना सूचना के इस समय कौन हो सकता … Read more

मन की गांठें – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज शर्मा जी ने अपनी अंतिम सांसें ले ली।उनका पार्थिव शरीर कमरे में पड़ा था ।भरा पूरा परिवार था शर्मा जी का । पत्नी थी चार चार बेटे बहुएं थी ।एक बेटी थी जो अपने ससुराल में थी ।एक बेटे बहू को छोड़कर सब बेटे अलग-अलग रहते थे। सबसे बड़े बेटे ने कुछ लोगों को … Read more

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