एक भूल …(भाग-19) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi
अब आगे ••••••• सांकल की धीमी आवाज सुनकर वह पुत्र को वैसे ही गोद में उठाये द्वार की ओर दौड़ी, तब तक दुबारा सांकल बजी साथ ही शिवाकान्त का स्वर सुनाई दिया – ” कालिन्दी, जल्दी द्वार खोलो।” द्वार खोलते ही कालिन्दी के होश उड़ गये, उसके सामने खड़ा एक सैनिक कालिन्दी को परे हटाकर … Read more