प्रत्यागमन – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

बिपाशा क्या कर रही हो..? यह करने से पहले मुझसे पूछा होता, लवली भाभी बोली।  भाभी यह छोटे-मोटे काम के लिए आपसे क्या पूछना.. अपना घर है, इसलिए मैं खुद ही कर रही हूंँ। नहीं बिपाशा दीदी ..! कौन सामान कहांँ रखना है यह तुम अपनी पसंद से नहीं मुझसे पूछ कर ही रखोगी..? “भाभी … Read more

 सम्मान किसी पद या विभाग का मोहताज नहीं होता – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

सुबह की ठंडी हवा चल रही थी; कैलाश नाथ जी छत पर बैठकर सुबह की चाय का आनंद ले रहे थे और अखबार पढ़ते जा रहे थे कि तभी अखबार के एक पृष्ठ की हैड लाइन पर उनकी नजर पड़ी ‘प्रधानाचार्य कक्ष में बोर्ड परीक्षाएं देते विद्यार्थी पकड़े, कार्यवाही’ जब उन्होंने पूरी खबर पढ़ना शुरू … Read more

 पकोड़ीयाँ : Moral Stories in Hindi

जगदीश बाबू को पकौड़ियाँ बहुत पसंद थी ।सभी को पसंद होती है पर उन्हें कुछ ज्यादा। जब भी घर में कढी बनती तो बसंती देवी को सख्त हिदायत थी,पहले एक प्लेट पकोड़ी जगदीश बाबू के लिए।   कई बार बसंती देवी हंस कर बोलती, “देख लो, सोमेश के बाबूजी,तुम्हारी यह आदत कब जायेगी।” अब तो बीपी … Read more

 मास्टर साब – डॉ. संगीता अस्थाना : Moral Stories in Hindi

हमारे मित्र मंडली सारे रिटायर्ड लोग ही थे जिसमे मास्टर साब सबसे ज़्यादा सीनियर थे । सभी उन्हें बहुत सम्मान देते थे । वे बहुत अनुभवी थे ।चुटकियों में हर समस्या का समाधान निकल लेते थे ।मुहल्ले के सभी लोग उनसे राय मशविरा करने के बाद ही किसी कम में हाथ लगाते थे ।सबके लिए … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

 धर्मपाल और  अनीश्वर एक ही मोहल्ले में रहते थे। दोनों पड़ोसी थे। दोनों के मकान पास पास ही थे। दोनों दो विभाग में सर्विस करते थे। अंतर सिर्फ इतना था कि  अनीश्वर अपने दफ्तर का बॉस था, जबकि धर्मपाल अपने ऑफिस का बड़ा बाबू था। कभी- कभार किसी फंक्शन या पर्व त्यौहार के मौकों पर … Read more

 मेरी दोनों बहुएं बहन जैसी रहती है – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

धूप सी सुबह थी। रसोई में हँसी की खनक थी। राधिका बेलन से पूरियां बेल रही थी और अनुजा कड़ाही में हलवा चला रही थी। मसालों की खुशबू, दूध की मिठास और दोनों के बीच की खनकती बातचीत जैसे घर को जीवंत बना रही थी। “देख अनुजा,” राधिका ने मुस्कुराते हुए कहा, “इस बार तेरे … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सरिता और मानसी पक्की सहेली थी बचपन से ही दोनों साथ में रहती हर काम एक साथ करती दोनों ने बी ए की परीक्षा साथ में उत्तीर्ण की।  और दोनों की शादी अलग-अलग शहर में हो गई गर्मियों की छुट्टी में कभी कभार दोनों की मुलाकात हो जाती थी। सरिता और मानसी दोनों फोन पर … Read more

 मेरी दोनों बहू आपस में बहन जैसी रहती है – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

शाम ढलने को थी।परिंदे भी अपने घर को लौट रहे थे । मैं घर के नजदीक वाले पार्क में जा बैठी मगर आज मन किसी से दो घड़ी बातें करने का नहीं कर रहा था ।  मुझे ऐसा लग रहा था आज मेरे मन के किसी कोने में उदासी जा कर बैठ गई है । … Read more

 आघात – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

चौधरी मलखान सिंह के गन्ने के कोल्हू पर चहल-पहल थी। कढ़ाव में उबलते रस से मीठी बाप उड़कर सारे वातावरण को मधुर सुगंध से सराबोर कर रही थी। कई मजदूर गन्ना पेरने, खोई सूखाने और भट्टी में सूखी पत्तियों की झोंक लगाने में मगन थे। सफेद धोती कुर्ता पहने और कंधे पर काले सफेद चैक … Read more

 बहू, मैं यहां मुफ़्त का नहीं खाती हूं। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी, मेरे ऑफिस जाने का समय हो रहा है, आप यश को दूध पिला देना और कूकर में उसके लिए थोड़ी सी खिचड़ी चढ़ा देना, और हां यश दोपहर को जब सोकर उठे तो ओरेंज जूस भी बना देना, उसमें बर्फ मत डालना, नहीं तो गला पकड़ लेगा और नियति जब स्कूल से आयें … Read more

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