सयानी जीजी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

वो मेरे पास आकर बैठी रहती थी।मै घङी की सुइयो की ओर देखकर सोचने लगी।हम दोनों के फ्लैट आमने सामने थे ऐसे मे हम सुख-दुःख के साथी भी बन गये थे।मैं उम्र में उससे बङी जरूर थी पर हमारे बीच दोस्ती हमउम्र सखियों जैसी थी। हम हर विषय पर खुल कर बात करते ,अपने पति, … Read more

मुझे भी चैन से खाने का हक़ है… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

सन्डे की सुबह सबकी फरमाइश पर रमा ने छोले -भठूरे बनाये… सबने चटकारे ले -ले कर खाया। “वाह माँ बहुत टेस्टी छोले -भठूरे बने था, मजा आ गया खा कर “बेटी अंकिता ने माँ की तारीफ करी। पतिदेव ब्रेकफास्ट के बाद टी. वी. पर अपने प्रोग्राम में चिपक गये., बेटी -बेटा अपने मोबाइल में और … Read more

“ना मुझे आपके पैसे चाहिए और ना आपकी प्रॉपर्टी… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“दी, आप के पास कुछ पेपर भेजा है, हस्ताक्षर कर भेज दीजियेगा”मानसी ने रीमा को फोन पर सूचना दी। ” कैसे पेपर भाभी”रीमा ने पूछा. “वो दीदी.. वो बड़ी भाभी ने कहा था, मकान के और गांव की जमीन के पेपर पर आप के हस्ताक्षर ले लें, कहीं बाद में आप हिस्सा ना मांगने लगें … Read more

तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर हैं क्या ?? – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

नीलिमा , यह क्या आज अब तक खाना नहीं बना जबकि आज तो हम दोनों कितनी देरी से आई हैं सास उषा जी  अपनी बड़ी बहू निलिमा पर चिल्लाकर बोली !! मम्मी , आज मुन्नी ने बहुत परेशान किया , कुछ काम ही नहीं करने दिया !! अभी चलना सीखी हैं तो यहां वहां भागती … Read more

दहलीज – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

उत्तम एक शिक्षक थे। सरकारी स्कूल में पढ़ाते थे। सरकारी नौकरी के नाम पर ही लोग मूँछों पर ताव देने लगते हैं।  खाते- पीते परिवार की सुन्दर सुशील साक्षी के साथ उनकी शादी हुई। दान- दहेज भी मिला। उत्तम के माता- पिता नहीं थे। एक बड़ा भाई था वही शादी- ब्याह किया। कुछ दिन तो … Read more

दिल पे किसी का जोर नहीं चलता – तान्या यादव : Moral Stories in Hindi

आज घर को फूलों से और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था. चारों तरफ रौनक फेली हुई थी. शिवांगी अपने कमरे में दुल्हन के लिबास में बैठी हुई थी अपने पति का इंतज़ार कर रही थी. आज उसकी सुहागरात जो थी. जैसे ही दरवाजे पर दस्तक हुई शिवांगी शर्म से लाल हुई जा रही … Read more

ये कैसा नाता? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मां, मैं अभी शादी नहीं करूंगी…अभी मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है…कितनी बार आपको कहा मैंने…” रुचि ,अपनी मां ममता का विरोध करती बोली जब उन्होंने राजेश का रिश्ता उसके लिए बताया। ममता को गुस्सा आ गया था…”कितनी बार कह चुकी हूं कि तेरे पापा वहां" हां "कह चुके हैं,अब कुछ नही हो सकता… मैं … Read more

दिल पर कोई ज़ोर चलता नहीं है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

रेवती अपने कमरे में लेटी हुई थी । सुजीत रसोई में चाय बना रहा था कि रेवती ने उसे पुकारा कि एक बार इधर आओ ना आपसे बात करनी है । वह कई दिनों से सुजीत को अपने मन की बात बताना चाहती थी लेकिन हर बार वह अपनी बात दिल में ही रखकर चुप … Read more

मतभेद – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

नमिता घर के कामों में मशगूल थी तभी डोर वेल बजी । नमिता ने दरवाजा खोला तो देखा सामने कोरियर वाला था। उसने एक  लिफाफा पकड़ाया नमिता को और चला गया । नमिता ने जब अंदर आकर लिफाफा खोला तो देखा दूसरे भतीजे की शादी का निमंत्रण कार्ड था ।र्काड देखकर नमिता थोड़ी असमंजस में … Read more

विवाह त्रासदी – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

बीना अक्सर ही अपनी मौसेरी बहन  सविता के घर आती रहती है। एक तो दोनों बहनें एक ही शहर में पास पास ही रहती हैं। बीना उम्र में सविता से छोटी है पर वह अपने दोनों बच्चों के शादी ब्याह से निबट चुकी हैं।वहीं सविता के दोनों बेटों की शादी अभी तक नही हुई। सविता … Read more

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