देवकन्या (भाग-15) – रीमा महेन्द्र ठाकुर : Moral stories in hindi
अधिकार””””” ये रूको” पीछे से आवाज सुनकर दोनों ,युवतियां ठिठक कर रूक गयी””” आपने किसकी अनुमति से राज उद्यान मे प्रवेश किया “”” मेरे स्वंयम् की” ,पलट कर बोली अमरा” अरे देवी देवकन्या आप ,मेरा सौभाग्य की आपके दर्शन हुऐ””” मै राज्यआज्ञा से आया हूं “” क्षमा देवी”” महाराज को कुछ संदेह था” आप … Read more