मंगला मुखी (भाग-11) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

डॉक्टरों की टीम को आते देखकर कदम्ब और वीथिका आगे बढ़े तो उन्होंने कदम्ब के कंधे पर हाथ रखा – “आपरेशन सफल रहा। अब चिन्ता की कोई बात नहीं है। बहुत उचित समय पर आपरेशन हो गया लेकिन बच्चे को होश में आने में अभी समय लगेगा। उसे वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं, आप … Read more

मंगला मुखी (भाग-10) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

मीटिंग में डॉक्टर सौरभ कुलकर्णी ने सबके समक्ष अपनी बात रखी और साथ ही यह भी बताया कि इस बच्चे के इलाज में उसके पापा की विशेष रुचि है। सौरभ कुलकर्णी जानते थे कि उसके सभी मित्र डॉक्टर इसके पापा का बहुत सम्मान और आदर करते हैं। उपस्थित सभी डॉक्टरों ने अपनी ओर से पूर्ण … Read more

मंगला मुखी (भाग-9) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

कुलकर्णी जी के बताये अनुसार कदम्ब और वीथिका सुबह ही वैदेही को लेकर डॉक्टर सौरभ के बंगले पर पहुॅच गये। आज कुलकर्णी जी का गेट एक नौकर ने खोला। सामने  वृद्ध कुलकर्णी जी एक कुर्सी पर बैठे थे।ऐसा लगता था कि जैसे वह उन दोनों की ही प्रतीक्षा कर रहे थे। भीतर जाकर कदम्ब और … Read more

मंगला मुखी (भाग-8) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

कदम्ब और वीथिका के मन में एक झिझक और डर था – ” तुम भी साथ चलो मौसी। हम लोग कैसे इतने बड़े डॉक्टर के यहॉ जायेंगे, कहीं बात सुनने के पहले ही अपमान करके भगा दिया तो।” ” अगर भगा देंगे तो क्या हुआ? तुमसे कुछ छीन तो लेंगे नहीं लेकिन अगर मान गये … Read more

मंगला मुखी (भाग-7) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

वीथिका फूट फूटकर रोने लगी तो रेशमा ने आगे बढ़कर उसे अपने गले लगा लिया और उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुये चुप कराया। फिर वैदेही को गोद में लेकर उसको आशीर्वाद देते हुये कहा – ” जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है। जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं तो वह कोई … Read more

मंगला मुखी (भाग-6) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

एक बार गई तो पता चला कि उसके पापा का वहॉ से स्थानान्तरण हो गया है। उसके बाद उसे कभी पता नहीं चला कि उसका परिवार कहॉ चला गया और उसने भी दिल पर पत्थर रखकर कभी उन्हें ढूंढने का प्रयास नहीं किया। क्या करती, वह तो पहले ही उस परिवार से डाली से टूटे … Read more

मंगला मुखी (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

वीथिका उठकर अन्दर गई और एक गिलास में पानी ले आई।  रेशमा को देते हुये उसने कहा – ” अगर मेरी किसी बात से आपका दिल दुखा हो तो मुझे क्षमा कर दीजिये।” ” नहीं, तुम माफी मत मॉगो, तुम्हारी कोई गलती नहीं है। यह हमारी नियति है जिसे भोगना ही हमारा प्रारब्ध है।” फिर … Read more

मंगला मुखी (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

और सचमुच जब से कदम्ब और वीथिका ने बच्चे का जन्म शहर में करवाने का अपना निर्णय अम्मा को बताया तो अम्मा – बाबू दोनों बहुत नाराज हो गये – ” तुम तो ऐसे कह रहे हो मुन्ना जैसे गांव में सारी औरतें बच्चे पैदा करने में मर ही जाती हैं। कुछ नहीं होगा। तुम … Read more

मंगला मुखी (भाग-3) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

जब भी विनय गुप्ता कनाडा से भारत आकर अपने बंगले में रहते , कदम्ब उन्हीं के बंगले में रहता और उन्हीं के साथ खाना खाता।  जब वह  जाने लगते तो उसे दस हजार रुपये के साथ खूब सारे कपड़े आदि दे जाते। ग्रेजुएशन करने के बाद कदम्ब के बहुत प्रयत्न करने पर भी नौकरी नहीं … Read more

मंगला मुखी (भाग-2) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

बहुत मिन्नत के बाद आखिर रेशमा मान गई और खुशी के कारण फूट फूटकर रोने लगी – ” कल एक बार जाऊंगी सबसे विदा लेने। आखिर उस समाज ने मुझे आसरा और सहारा दिया है। उन्हें भी बताऊंगी कि कोई है जो मुझसे नफरत नहीं करता है बल्कि मुझे प्यार और सम्मान देता है। अब … Read more

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