दूसरी शादी – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“ये क्या कर रही है सरला….तू पागल तो नहीं हो गई….और तू सुधीर उसे समझाने के बजाय उसी का साथ दे रहा है…अरे कन्यादान करना बेटी के माता पिता का काम होता है, भला किसी सास ससुर को अपनी बहू का कन्यादान करते हुए देखा है कहीं तुमने…जो चले तुम दोनों मधु का कन्यादान करने….अरे … Read more

ज़रूरी तमाचा – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

सीमा, सीमा कहाँ हो? तुम्हे सुनाई नहीं दें रहा है? इतनी देर से पानी माँग रहा हूँ और तुम हो कि कुछ सुन ही नहीं रही हो। कहाँ मर गईं, पानी दोगी? ड्राइंग हॉल मे बैठा संजय लगातार चिल्लाए जा रहा था, परन्तु पता नहीं सीमा कहाँ थी जो सुन ही नहीं रही थी। अपने … Read more

सरप्राइज़ – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

मुझे अचानक से घर पर देखकर भैया और मां कितने खुश होंगे, मां का हंसता चेहरा, उनकी आंखों की चमक, सोच- सोचकर मीता मन ही मन उत्साहित हो रही थी। जैसे बचपन में चोर पुलिस का खेल खेलते हुए पीछे से धप्पा मारते थे, मैं भी भैया के साथ इस बार ऐसा ही करूंगी। बचपन … Read more

“प्रायश्चित” – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

हरीश एक संयुक्त परिवार का किसान का बेटा है । उसके पिता और चाचा दोनों ही किसान है । हरीश के दादाजी माधव प्रसाद गांव के माने हुए किसान हैं । उनके कई बीघा जमीन पर खेती-बड़ी होती है । दादाजी के दो बेटे हैं एक मेरे पिताजी सुरेश दूसरे मेरे चाचा नरेश । चाचा … Read more

कौन सा प्रायश्चित? – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

  बेटा..! अगले महीने सिम्मी की शादी है, बुआ जी का फोन आया था। उन्होंने मुझे एक हफ्ते पहले ही बुलाया है। कहती है अब भैया तो रहे नहीं उनकी ज़िम्मेदारी आप ही कर दो। गोमती जी ने अपने बेटे लोकेश से कहा  लोकेश:  ठीक है मम्मी! मैं आपको और रूपा को एक हफ्ते पहले … Read more

 कथनी और करनी में फर्क होता हैं !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

दीया लेकर ढूंढते पुरे जहान में तो भी अतिशय जैसा लड़का नहीं मिलता मेरी लाडो के लिए , धन्य भाग्य हमारे जो हमें अतिशय जैसा दामाद मिला , क्या कहते हो शालू के पापा एक ही सास में बोल पड़ी राधा जी !! राधा जी के पति गोविंद जी बोले – मैं तो पहले ही … Read more

  इज्जत इंसान की नहीं पैसे की होती है – सीमा सिंघी  : Moral Stories in Hindi

तानी का मन बड़ा उदास रहता था ! उसकी सासू माँ प्रतिमाजी   हमेशा उसके मायके वालों को लेकर कुछ ना कुछ सुनाती रहती थी ! वही जेठानी रूही को हमेशा प्यार जताती रहती थी ! कारण था तानी के मायके वालों का ज्यादा अमीर ना होना और उनका सादगी से रहना ! वहीं रूही … Read more

 जायदाद – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

मम्मी! बार बार फोन करके मुझे परेशान मत किया करें! सुनीता जी का बेटा सुयश लंदन से फोन करके कह रहा था”आप आधा घर किराए पर दे दें आपकी सिक्युरिटी भी रहेगी और महीने के पैसे भी आते रहेंगे! और सर्वेंट क्वार्टर में एक फैमली वाले को रख लो जिससे आपको डामेस्टिक हैल्प भी हो … Read more

 प्रायश्चित – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

नीलिमा का जीवन हर उस लड़की जैसा था जो एक सीमित लेकिन सहेजे हुए सपनों की गठरी लिए रोज़ सुबह जगती है। वह एक सुलझी हुई, समझदार और आत्मनिर्भर युवती थी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कुछ समय तक घर पर रहकर माँ का हाथ बँटाया, लेकिन उसकी आँखों में नौकरी कर … Read more

  “रिश्तों के रंग–पैसों के संग” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

गोपाल जी की शानदार हवेली हजारों लाखों रंग बिरंगी लड़ियों की रोशनी से जगमगा रही थी!ठंडी हवा के साथ उड़ती फूलों की खुशबू फिजा में  नशा सा घोल रही थी! सरसराते लहराते रेशमी दुपट्टे,हीरे जवाहरातों की नुमाईश करते मेहमानों की आवाजाही तैयारी में चार चाँद लगा रही थी! मेहमानों को लेकर लंबी लंबी एक से … Read more

error: Content is protected !!