रत्नगर्भा – उषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

     वह बड़ी बेचैनी से महसूस कर रही थी। आंखों से नींद कोसों दूर थी। फिर धीरे से उठी और पास के स्टूल पर रखे जग से गिलास में पानी लेकर पिया। फिर लेट गई। बार-बार उसके करवट बदलने से सुमित की आंख खुल गई । उसने पूछा-” क्या हुआ नीमा, तबीयत तो ठीक है ना … Read more

नुकसान सबक दे जाता तो प्यार का नफा भी कराता – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“माँ, आप सब के लिये सहज सुलभ हो कर,…सबको मनमानी करने का मौका दे,अपना नुकसान ही करती है …, क्या फायदा, इतने मददगार बनने का, छोटा -बड़ा कोई भी आपको कुछ भी कह देता, आप किसी को भी ना क्यों नहीं बोलती..”बेटी तन्वी ने माँ सुमन को समझाने के लिये कहा..। “बेटा, नफा -नुकसान तो … Read more

अंतहीन सिलसिला – सरिता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

 डाक्टर ने विदिशा को बुला भेजा– विदिशा इस सरकारी अस्पताल में हेड नस॔ है,सीनियर है,काफी समझदार  है और हर तरह के केस को बहुत चतुराई से हैंडल करती है ।किसी रोगी के लिए नहीं ,उसकी मां के लिए विदिशा का मधुर व्यवहार जरूरी हो गया था । तीन दिन पहले 18 साल के एक युवक … Read more

परफ्यूम वन साइडेड लव – संजीव कुमार : Moral Stories in Hindi

 जैसे ही कनिका ने मेरे केबिन का दरवाजा खोला वैसे ही एक जानी पहचानी सी हल्की परफ्यूम की खुशबू का मुझे एहसास हुआ और अचानक से मेरे मुंह से आवाज निकला ख्वाहिश…….. यह तो वहीं परफ्यूम की खुशबू है जो लगभग 20 साल पहले  कॉलेज में मेरे साथ पढ़ने वाली एक लड़की ख्वाहिश के कपड़ों … Read more

सन्धि द्वार – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

लगभग चार साढे़ चार बजे थें, घरेलू उपयोग के जरूरी समानों की खरीदारी कर वैदेही घर की ओर  तेजी से पैदल ही बढ़ रही थी, क्योंकि उसे डर था, कि कामवाली लौट जाएगी, तो बर्तन की सफाई भी उसके सिर पड़ जाएगा। घर के करीब पहुंँची ही थी, कि उसकी निगाह सामने से आती महिला … Read more

!! मै नही चाहती !! – रीमा महेंद्र ठाकुर : Moral Stories in Hindi

सखियों तुम सबको आना है ,आज मेरी ,बेटी कलिन्दी  की सगाई है,कोई भी मना मत करना “”” आना  ,सभी मांसी मां को आना है,,,मोबाइल  पर गुरूप मे  वीको मैसेज  पढकर ,गुरूप के सभी ,सदस्य  ,सकते मे थे! य  ये अचानक, निशा को ,कलिन्दी के विवाह की जरूरत  कैसे आन पडी,,, ये बहन ,छोरी अच्छी भली … Read more

“मैं नहीं चाहती ये छोटी सी बात कोई बड़ा रूप ले ले और सब रिश्ते बिखर जाएँ…..।” – साइमा बानो : Moral Stories in Hindi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में झांक रही थी। अम्मा धीरे-धीरे रसोई में काम कर रही थीं, लेकिन उनके मन में एक तूफान चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से घर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। छोटे-मोटे विवाद अब बड़ी उलझनों का रूप ले चुके थे। और सबसे ज़्यादा परेशान थीं … Read more

मैं नहीं चाहती कि ये छोटी सी बात कोई बड़ा रूप लेले और रिश्ते बिखर जाए – खुशी : Moral Stories in Hindi

माधवी एक सुशिक्षित अच्छी नौकरी करने वाली लड़की थी।  थउसके घर में  मां आशा देवी, पापा विनायक जी ,भाई  आदित्य भाभी शोभा और उनका प्यारा सा बेटा अभी  था । यह परिवार आगरा में रहता था।अभी अपनी बुआ को बहुत प्यार करता था  और बुआ अभी को देखने वाले यही कहते शादी हो जाएगी तो … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

चंदा। – कामनी  गुप्ता तलाक के कागज़ पर दस्तखत करने के पहले मन हुआ एक बार फिर सोच लिया जाए। सुमन अपनी दस साल की  बेटी चंदा के पास बैठे बोली… चंदा, मम्मी के साथ रह लोगी न??  चंदा लम्बी सांस लेकर बोली.. मम्मी मुझे पापा भी चाहिए। क्या ऐसा नहीं हो सकता आप अलग- … Read more

सिन्दूर – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद मंजू ने शहर जाकर आगे की पढ़ाई करने के लिए अपने बाबुजी से कहा। ” बाबुजी, मैं प्रतिमा की तरह छात्रावास में रहकर पढूँगी।” प्रतिमा दूसरे गाँव की श्रीवास्तव परिवार की बेटी थी। ” अरे बेटा, उन लोगों की बात अलग है।…” इतना ही बोल पाये कि दादी … Read more

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