*संकल्प* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

           रामप्रसाद एक सामान्य से व्यक्ति थे।नगर निगम में क्लर्क की नौकरी करते थे।एक ही बेटा था,हरीश।उनका सपना था कि बेटा अच्छा पढ़ लिख जाये और अच्छी नौकरी प्राप्त कर ले तो उनके दिन भी बुहर जाये।इसलिये उनके केंद्र में हरीश ही रहता था।उनका पूरा ध्यान,ऊर्जा और अधिकतर धनराशि हरीश की पढ़ाई लिखाई पर ही होती। … Read more

अस्तित्व – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

शिवानी और गरिमा दोनो बचपन की पक्की सहेलियां है,किस्मत से उनका विवाह भी एक माह के अंदर  ही एक ही परिवार में हो गया।दोनो सहेलियां रिश्ते में देवरानी जेठानी बन गई।उनके पति चचेरे भाई हैं और दोनो का घर भी पास पास ही है। शिवानी भी अपने घर की बड़ी बहु बनी और उसके एक … Read more

सारा आकाश – उपासना झा : Moral Stories in Hindi

रात भर तेज़ बारिश हुई थी। आँगन में, लान में, छत पर हर जगह पानी ही दिख रहा था। उसे हैरानी हो रही थी कि उसकी नींद कैसे नहीं टूटी आवाज़ से, उसकी नींद तो बड़ी हल्की है, ज़रा से खटपट से टूट जाती है। फ्रीज़ खुलने की आवाज़ से, लाइट ऑन-ऑफ होने से, यहाँ … Read more

मोहभंग – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रागी एक सुन्दर मेधावी सर्व गुण संपन्न छात्रा थी इसी कारण वह स्कूल, कॉलेज में टॉपर रहती आईं थी। कॉलेज में अन्य गतिविधियों में भी वह बढ़-चढ़कर भाग लेती और कई ईनाम एवं शील्डस उसके कमरे की शोभा बढ़ा रहे थे।वह बहुत ही मिलनसार,सरल स्वभाव की थी एवं अपने साथीयों की मदद करने को तत्पर … Read more

उसकी शादी – मीता सोनी : Moral Stories in Hindi

बीकॉम का लास्ट ईयर…. कॉलेज में हम लड़कियो का एक ग्रूप हुआ करता था….जो कॉलेज के पहले साल से साथ रहता था….लोग आते और चले जाते पर हम कुछ लड़कियो ने ग्रूप को बनाए रखा था…उसमे एक फ्रेंड थी मेरी… उ. प. के किसी शहर से थे वो लोग.. उस्के पापा बिजनसमैन थे और उनकी … Read more

मीरा – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मीरा कहाँ मर गई है ? कब से पुकार रही हूँ सोनी रो रही है ।  सुनाई नहीं दे रहा है क्या? क्या कर रही है ? कहते हुए रिया रसोई से कमरे की तरफ़ आती है क्योंकि उसकी बच्ची रो रही थी और वह खुद अपना काम छोड़कर आती है और देखती है कि … Read more

बिखराव – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

विथीका के रिटायरमेंट का जश्न मनाने पूरा परिवार एक साथ एकत्र हुआ था। दोनों बेटे, बहुएँ, बेटी और दामाद । रात्रि भोज का आयोजन बच्चों द्वारा एक सर्प्राइज के तौर पर किया गया था। विथीका यह सब देख बहुत  खुश थी। उसे भी तो इस रिटायरमेंट इंतजार था। वक्त धीरे-धीरे रेत की तरह मुट्ठी से … Read more

सिंदूर… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…दरवाजा अम्मा ने ही खोला था…  धड़ाम से दरवाजा बंद होने की आवाज सुन… काजल ने सिया की तरफ घूर कर देखा… ” बोला था ना… दरवाजा खोल दो… रीता आ रही होगी…!” ‘ सॉरी मां… पर क्या हुआ…!” ” कुछ नहीं… तुम जाओ… स्कूल जाओ…!”   काजल ने टिफिन का ढक्कन बंद कर… उसके बैग … Read more

नज़रिया अपना अपना – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

निशि के सामने वाले घर मेें शर्मा परिवार रहता है ,परिवार मेें रीमा भाभी,भइया और उनका बेटा नीरज, बहू विधि है। बेटा और बहु दोनो अच्छी नौकरी में हैं। घर में हर तरह की सुख सुविधा है, प्रत्येक कार्य के लिए बाई लगी हुई है, कुल मिलाकर बहुत ही सुखी परिवार है।निशि अक्सर रीमा भाभी … Read more

सिन्दूर – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

जिन्दगी में सिन्दूर का बंधन आरंभ में सुगंधित फूलों के झोंके के समान प्रतीत होता है,परन्तु कभी-कभी वह झोंका क्षणभंगुर साबित हो जाता है।पलभर के सुगंधित झोंकों के सहारे केवल सिन्दूर के नाम पर पूरी जिन्दगी काटनी  मुश्किल हो जाती है।पति-पत्नी दाम्पत्य-जीवन निभाने के लिए अग्नि के समक्ष सात फेरे लेते हैं,परन्तु उन सात फेरों … Read more

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