खुशियों के दीप जल उठे – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

आज गीतिका जी बहुत खुश थी। उसकी बहू मिताली ने मंदिर से आते ही खुशखबरी सुनाई थी कि मम्मी जी आप दादी बनने वाली हो।    उसका नन्हा मुन्ना बेटा खुश आज इतना बड़ा हो गया है कि वह पापा बनने वाला है। कितने साल बीत गए उसके पति के गुजरने के बाद तो जैसे खुशियों … Read more

बेटे की खुशी – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

    शामराव जी अपने घर की बालकनी में कुर्सी लगाकर बैठे थे, दो दिन के बाद दीपावली का त्यौहार था। पूरे घर पर रोशनाई लगवाई थी। मिट्टी के दिए भी मंगवा कर रखे थे, उन्हें यही लगता था कि मिट्टी के दियों को जलाए बिना कैसी दीपावली। दरअसल वे इन दिओ को जलाकर अपने पैतृक गाँव … Read more

सिंदूर खुशहाल जिंदगी का प्रमाण नहीं होता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मर क्यों नहीं जाते तुम,कम से कम तुम्हारे न रहने पर हमारी और हमारे बच्चों की जिंदगी तो आसान हो जाएगी।छाती पर मूंग दल रहा है ।सब पैसा गांठ में बांधकर रखें रहता है बुड्ढा और घर में हमलोग एक एक पैसे को परेशान होते हैं ।यह रोज की बात थी मिस्टर और मिसेज शर्मा … Read more

समरस दीवाली – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

            मेरे पिताजी ईंटो के भट्टो का कारोबार करते थे।सामान्यतः भट्टो पर कार्य विजयदशमी के बाद से प्रारंभ होता है।हालांकि कम पूंजी वाले अपने भट्टो का कार्य दिसंबर- जनवरी में भी शुरू कर लेते हैं।इसके लिये पहले से लेबर का प्रबंध करना होता है।लेबर भट्टे पर फुकायी शुरू होने की दिनांक से लगभग एक माह पूर्व … Read more

पश्चाताप के आशु – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रामबाबू”” लाखों में कोई एक सुहागन सदा सुहागन रहता है” “चांद सितारों से मांग सदा भरी रहे” जाने और भी कई डायलॉग थे— जो आज मुझे याद आ रहे थे — । “मेरी आंखों से लगातार “आशु ” निकलते जा रहे थे और  मैं चाह कर भी … Read more

विंडो सीट – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

गर्मियों की छुट्टियों के समय कन्फर्म सीट मिलना कोई आसान बात न थी । भतीजी की सगाई एकदम से तय हो गयी थी, सो जाना भी जरूरी था । विनय को ऑफिस से छुट्टी न मिल पायी थी। एक-दो दिन में आने का वायदा कर उसने सुरभि को जयपुर से चलने वाली जयपुर – चिन्नेई … Read more

मैं तेरी जीवन संगिनी – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

मेघा को जब यह खबर मिली तो वह घर का राशन लाने मार्केट गयी हुई थी। अभी वह दालें दूकान दार को लिखा ही रहीं थी कि पीछे से मालती बहन ने आकर कहा, मेघा जल्दी से घर जा , तेरे घर छापा पड़ा है। मेघा ने जितना सुना ,उस से ही वह बेहोश जैसे … Read more

कितने हसीन रिश्ते हैं यहाँ पर…..! – कंचन सिंह चौहान : Moral Stories in Hindi

प्रदीप से मिली थी मैं जुलाई २००२ में। वो शांता अम्मा का बेटा था। SSC परीक्षा द्वारा हिंदी अनुवादक पद पर चयन होने के पश्चात मुझे पहली पोस्टिंग मिली थी अनंतपुर, आंध्र प्रदेश में। सन् २००१ का अंत मेरे लिये ऐसे घटनाक्रमों का वर्ष था जो मेरी सपनो की तो सीमा में था लेकिन कल्पनाओं … Read more

मातृत्व – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

” कितनी प्यारी है  गुड़िया ?” “सिस्टर! ये गुड़िया नहीं  मेरा मेरा नाती है। ” माँ की आवाज़ कानों पड़ते ही विभा की तंद्रा टूटी। वह होश में आ गई थी, लेकिन उसकी पलकें उसका साथ नहीं दे रही थीं। वह चाह कर आँखें नहीं खोल पा रही थी। फिर धीरे- धीरे उसका अतीत पन्नों … Read more

वेस्टिंग मनी वाला सरप्राइज़ – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

दिवाली के चार पांच दिनो पहले  ” दीदी इस बार कितने कितने पैसे मिलाएंगे पटाखे लाने के लिए पॉकेट मनी से?” ईशान ने बड़ी बहन सिया से पूछा “अरे उतने ही जितने हर बार मिलाते हैं 500तू और 500मैं” सिया बोली पास ही बैठी उनकी मम्मी दिशा सारी बातें सुनकर बोली ” नही इस बार … Read more

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