जिम्मेदारी उठाएगा कौन? – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

पूरे दिन मैं घर और ऑफिस के काम में लगी रहती हूँ… तुम्हारा क्या है.. रात को घर आओगे खाना खाओगे कुछ देर टीवी देख कर सो जाओगे, सुबह बिस्तर पर  चाय मिल ही जाता है नाश्ता किया निकल गए। मुझे अपने साथ साथ अंश के लिए भी सोचना पड़ता है और अब ये जिम्मेदारी … Read more

पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों – खुशी : Moral Stories in Hindi

राम चरण जी और विद्या की शादी को सात साल हो गए ।परंतु उन्हें संतान सुख की प्राप्ति ना हुई।कितने मंदिरों के चक्कर लगाए व्रत उपवास किए पूजा पाठ किया पर कोई फल नहीं।पर कहते है ना ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं। एक दिन सुबह विद्या जी उठी तो बोली आज बड़े चक्कर … Read more

मेरा फैसला – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 रोहित और उसकी पत्नी भावना गाजियाबाद में रहते थे। रोहित का छोटा भाई मोहित अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ उत्तर प्रदेश के एक दूर   गांव में रहता था।   एक दिन रोहित के पास मोहित का फोन आया। उसने कहा -” भैया, दो-तीन दिन की छुट्टी लेकर आ जाओ और मां को शहर ले जाओ। … Read more

आखिरी फ़ैसला – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मालती अपनी आदत के अनुसार रसोई में चाय बनाने के लिए गई। यह उसकी पुरानी आदत थी वह दो कप चाय बनाकर पति को उठाती उठिए चाय बन गई है और दोनों मिलकर बालकनी में बैठकर बातें करते हुए चाय पीते थे। आज उसने एक कप चाय अपने लिए बनाई और बाहर बालकनी में बैठने … Read more

एक फैसला – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

“पापा आप नहा कर आ जाइए गर्म गर्म फुल्के सैक देती हु” अवनी ने अखबार पढ़ते 78 वर्षीय सोमेश बाबू को कहा सोमेश बाबू पहले तो मुस्कुराए फिर बोले ” देखो घड़ी  दीया और चुन्नू का स्कूल टाइम होने वाला है तुम उन्हें संभालो मैं कोई बच्चा थोड़ी ना हु दो फुल्के सैक ओर तुरंत … Read more

एक औरत की अहमियत – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्या घर छोड़कर जाने का यह तुम्हारा आखिरी फैसला है सुधा…? देखो अगर एक बार तुम इस घर से चली गई तो फिर मैं तुम्हें मनाने नहीं आऊंगा न हीं तुम्हारी कोई मनुहार करूंगा,  जैसा अब तक करता आया हूं अगर तुम्हें जाना हो तो बेशक जाओ, देखना.. तुम खुद अपनी मर्जी से वापस आओगी! … Read more

“आखिरी फैसला” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मैं अब आपके साथ नहीं रहना चाहता मां मैं अब अपने पापा के साथ रहूंगा मैं बहुत सोच समझ कर ही यह बात बोल रहा हूं मेरा फैसला कोई नहीं बदल सकता आप भी नहीं, यही मेरा आखिरी फैसला है। क्या गलती थी आखिर उनकी जिन्हें आपने इतने बरस उनकी औलाद से भी दूर रखा … Read more

शिक्षा ही धन है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” कामिनी…ज़रा ठंडे दिमाग से सोचो…देवर जी तो अब रहे नहीं…तुम अकेली औरत..छोटी-सी बच्ची को लेकर कहाँ- कहाँ भटकोगी…,अपनी ज़िद छोड़ दो और अपने जेठ की बात मानकर आराम से यहाँ रहो..।” देविका अपनी देवरानी को समझाते हुए बोली तो कामिनी ने उन्हें घूरकर देखा…फिर बोली,” जीजी…मैंने अपनी बेटी के भविष्य के बारे में सही … Read more

आखिरी फैसला – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

मनुष्य की जिन्दगी में कब कौन-सा मोड़ आकर उपस्थित  हो जाएँ और कौन-सा फैसला लेना पड़ जाएँ,कुछ  कहा नहीं जा सकता है।कथानायिका सरोज भी  आज इसी दोराहे पर खड़ी है।सरोज को उसके पिता बहुत प्यार करते थे।सभी भाई-बहनों में बड़ी सरोज पिता की अत्यधिक दुलारी थी।पिता हमेशा उसे रानी कहकर ही बुलाते थे। उसे देखकर  … Read more

भगवान की लाठी में आवाज़ नहीं होती । – करुणा मालिक : Moral Stories in Hindi

अंकलजी , मकान की कोई टेंशन मत लो । कोई शिकायत नहीं होगी । अजी ! अपने मकान से भी बढ़िया रखेंगे । काग़ज़ी कार्यवाही की ज़रूरत ही नहीं, शीला बहन के ज़रिए ले रहा हूँ जी , अपना बेटा ही समझ लो बस ।  ये सारी चिकनी- चुपड़ी बातें देवांश जगमोहनसिंह से कह रहा … Read more

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