तिरस्कार नहीं हम तो नोंक-झोंक में आनन्द खोजते हैं – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi
अजी सुनती हो कहां हो..? पति राकेश की चिलचिलाती आवाज सुनकर रीता जी झल्लाकर बोली कहां सुनती हूँ.. मैं तो बहरी हूँ वो भी जन्म से…थोड़ा झल्लाकर हाँ बोलिए क्या बात है..? अरे तुम तो नाराज ही हो जाती हो मैंने ऐसा कब कहा..? जरा एक कप चाय मिलेगी पति राकेश की आवाज में बेहद … Read more