अपमान बना वरदान – अर्चना झा : Moral Stories in Hindi

सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही थी रात के  भोजन का वक्त हो चला था निशा ने अपनी मां से कहा कि मैं जाकर रोटियां सेक लेती हूं आज खाना जल्दी खा लेंगे क्योंकि मौसम भी ठीक नहीं है यह कहते हुए निशा किचन की तरफ मुड़ी ही थी कि दरवाजे की घंटी बजी, निशा … Read more

अपमानित सिंदूर – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

निशा जल्दी जल्दी घर के कामों को निपटाने में लगी थी , आज उसकी किटी थी उसे वहां पहुंचना था। मां जी मैंने खाना बनाकर डाइनिंग टेबल पर लगा दिया है,आप और पापाजी खा लीजिएगा,मैं शाम की चाय से पहले आ जाऊंगी निशा ने अपनी सास से कहा। ठीक है बहू तुम निश्चिंत होकर जाओ … Read more

आंटी मत कहो मुझे – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रमा किचन में काम कर रही थी तभी उसे नीचे से किसी के जोर जोर से बोलने की आवाज आई।उसने बालकनी में से झांककर देखा तो उसकी बहु प्रिया,जो जिम होकर आई थी आठ दस साल के लड़के के साथ झगड़ा कर रही थी -“तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे आंटी कहने कि..? मैं तुम्हें आंटी … Read more

मातमपुर्सी – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

 रात के 11 बज रहे थे। पत्नी और बच्चे सो चुके थे, मैं अभी भी अपने ऑफिस का काम कंप्यूटर पर चैक कर रहा था। काम करने के बाद कंप्यूटर बंद करने से पहले यह मेरी आदत ही थी कि मैं व्हाट्सएप पर मैसेज देखता था। अपनी सोसाइटी के वेलफेयर एसोसिएशन के ग्रुप में मैसेज … Read more

अपमान बना वरदान – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

बेटी पद्मजा के स्कूल में स्वागत कक्ष  में बैठा नीलेन्द्र प्रिंसिपल डा० चौधरी की प्रतीक्षा कर रहा था। अचानक चपरासी ने आकर  उसे प्रिंसिपल ऑफिस में चलने को कहा। प्रिंसिपल ऑफिस में पहुॅच कर नीलेन्द्र जैसे ही अंदर पहुॅचा, प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठी शख्सियत को देखकर चौंक गया ” – तुम……. मेरा मतलब…… आप।” … Read more

कभी कभी कड़वी गोली देनी पड़ती है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” बेटा आज भी नौकरी नही मिली तुझे ?” बेटे सुमित के घर मे घुसते ही माँ सीमा ने पूछा। ” नही माँ !” संक्षिप्त सा उत्तर दे सुमित कमरे मे चला गया। ” चल हाथ मुंह धोकर आजा मैं खाना लगाती हूँ !” माँ ने पीछे से आवाज़ दी।  ” कोई जरूरत नही है … Read more

जमीन आसमान का फर्क – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

वाह मामी… आपके यहां तो अलमारी के जितना बड़ा फ्रिज और सिनेमा हॉल के जैसा टेलीविजन है, इसमें सब कुछ कितना बड़ा-बड़ा दिखाई देता है आपके यहां तो गद्दा और सोफा भी कितने गुदगुदे हैं यहां तक की आपके पास तो कितने सुंदर-सुंदर पिल्ले भी हैं, हमारे गांव में तो ऐसा कुछ भी नहीं है! … Read more

अंकुर – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  बच्चों ने शर्मा जी के रिटायरमेंट को एक उत्सव का रूप देने की सोची , पता लगते ही शर्मा जी भड़क गए , अरे ये कोई खुशी का मौका है क्या… जो पार्टी रखी जा रही है ।  हां पापा …आज के जमाने में स्वस्थता के साथ रिटायरमेंट होना भी बहुत बड़ी खुशी की बात … Read more

अपमान बना वरदान – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

ट्रेन पटरियों पर दौड़ी जा रही थी और उसके साथ ही सपना अतीत की यादों में खोती जा रही थी । आज से 10 साल पहले का समय, गर्ल्स कॉलेज का एनुअल फंक्शन और उस फंक्शन में अपनी कविता पाठ से चार चांद लगाती सपना जोशी ‘बी.ए. हिंदी ऑनर्स फाइनल ईयर” की छात्रा।पूरे कॉलेज में … Read more

टर्निंग पॉइंट कभी भी आ सकती है – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“मैंने••• तुझे कितनी बार कहा कि•• मत खेला कर उनके साथ पर तू है की सुनती ही नहीं•••! गीता अपनी बेटी सेजल से बोली। पर मां••!” मैं क्यों नहीं खेल सकती उनके साथ•••? आखिर वो मेरे भाई-बहने हैं•••! 1४ साल की सेजल बड़ी-बड़ी आंखों को मटकाते हुए गीता से ही सवाल जड़ दिया।  एक बार … Read more

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