बड़ा दिल – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

 ” दीदी, मुझे कुछ पैसों की बहुत आवश्यकता है | कृपा करके आप मुझे दस हजार रूपये उधार दे  दिजिए|  थोड़े- थोड़े करके मेरे पैसों से काट लिजिएगा |” ममता की गृह सहायिका चंदा उससे विनती करते हुए बोली  |        ” पर पिछले महीने के पूरे पैसे तो तुम ले चुकी हो और आज तो … Read more

पति के जाने का दुख साझा होता है – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

चार साल होने वाला था कल अमित को गए।भाग्य की विडंबना थी कि अमित की लाड़ली छोटी बहन के पति भी पिछले साल चल बसे हार्ट अटेक से। छोटी ननद ने फोन पर बताया था” भाभी,जीजाजी नहीं रहे।”सुनकर सन्न रह गई थी सुमन।दिल की बीमारी तो थी उन्हें,पर इतनी जल्दी चलते-फिरते चले जाएंगे,सोचा नहीं था … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

‘मैं कोई अनपढ़, गंवार और पिछड़ी पृष्ठभूमि से आने वाली तुम्हारी मोहताज नहीं हूँ कि तुम मुझे किसी के भी सामने डांट-फटकार लगा दो।  तुम्हारा हमेशा ही यही रवैया रहता है। मैं एक पढ़ी-लिखी मॉडर्न पत्नी हूँ, आत्मनिर्भर हूं, सामने वाले का व्यवहार और उचित-अनुचित का अंतर खूब समझती हूँ। इस प्रकार बार-बार‌ मुझे सबके … Read more

बड़ा दिल – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

महाभारत प्राचीन भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य है। इसके रचयिता व्यास मुनि हैं। हमारे ऐतिहासिक और पौराणिक काल के बहुत सारे ऐसे योद्धा हुए हैं, जिन्होंने बड़ा दिल रखते हुए अपने त्याग और समर्पण से अपनी वीरता की कहानी को स्वर्णाक्षरों में लिखा।उन योद्धाओं में पाण्डु पुत्र  महान गदाधारी भीम और  हिडिंबा के प्रपौत्र वीर … Read more

बड़ा दिल – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“सुगंधा बहू, तुम तो बहुत बड़े दिल वाली हो फिर मन छोटा क्यों करती हो! बेटी तो पराई धरोहर होती है। उसे तो एक दिन विदा करना ही पड़ता है।” सुगंधा की बुआ सास उसके कंधे पर हाथ रख यह कहते हुए उसे ढाढस बंधाने की कोशिश करती हैं, जो अपनी दुल्हन बनी बेटी महक … Read more

जुग जुग जियो – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

दिवाली का दिन था।सुषमा सुबह से ही उदास थी उसे रह रहकर पति की याद आ रही थी।कहने को बेटा बहु साथ में ही थे फिर भी ना जाने क्यों उसे अकेलापन सा सता रहा था।सब अपनी मर्जी से काम कर थे..चाहे वो घर की सजावट हो..सबको क्या देना है..या फिर पूजा की तैयारी हो।कोई … Read more

सूज़ी – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”लेकिन एक बात समझ में नहीं आई… सूज़ी उतनी ऊपर क्या करने गई थी…!” इंस्पेक्टर रेवती ने अपनी पॉकेट से रुमाल निकाल कर श्रीमती डिसूजा को देते हुए पूछा… श्रीमती डिसूजा ने सुबकते हुए.… रुमाल लेकर आंखों की कोरों पर एक बार फिर फेरते हुए धीमे से कहा…” मैडम ठंड बहुत थी… इसलिए हम छत … Read more

अपने तो अपने होते हैं – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

 “पारुल! तुम्हें पचास बार मना किया है न कि पड़ोस की औरतों की पंचायत में मत बैठा करो पर तुम्हें समझ नहीं आता। न तो तुम्हें घर की ज़िम्मेदारियों से कोई मतलब है और न ही बच्चों की पढ़ाई से। जिम्मेदारियों का मतलब सिर्फ भोजन बनाना और कपड़े धोना ही नहीं होता। सफाई-बर्तन के लिए … Read more

बड़ा दिल – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

रचना आज सुबह से घर की साफ-सफाई में लगी थी । घर को सजाते और विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में सुबह से दोपहर हो गई थी और हो भी क्यूं ना  आज उसके बड़े बेटे की शादी तय जो होने वाली थी । पीयूष और सुकृति पिछले दो साल से एक – दूसरे को … Read more

पड़ोसियों और परिवार में यही तो अंतर होता है बेटा – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

शादी के 10 साल बाद राहुल का जन्म हुआ था नितिन और सागरिका के यहाँ । दोनों फूले न समाए थे । दादी-दादा,नानी-नाना सबकी आँखों का तारा था राहुल । उसकी हर इच्छा कहते  ही पूरी कर दी जाती थी । राहुल के जन्म के दो साल बाद उसकी बहन नेहा भी आ गई थी … Read more

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