दूसरी भूल – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

       ‘पापा! यह देखो आपके लाड़ले को आज स्कूल में ‘बैस्ट स्टूडेंट् आफ द ईयर’ का इनाम मिला है’ अनामिका ने चहकते हुए अपने पुत्र के साथ घर में प्रवेश किया था ।          “जाओ समीर ! नानू को अपना इनाम दिखाओ और उनके पांव छू कर उनसे आशीर्वाद लो।” मि. शर्मा ने समीर को गले से … Read more

बड़ा दिल – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सिलाई मशीन की खट खट शांत हो गई थी। कौशल्या की निर्जीव शरीर फर्श पर पड़ा था। रौशनी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठी आंसू बहा रही थी।और सोंच रही थी अब क्या करूंगी कहां जाएगी , मां ही तो आखिरी सहारा थी अब वो भी न रही ।बाप तो बहुत पहले ही … Read more

घर की इज्जत – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

सुबह- सुबह सुनैना के मोबाइल पर फोन बजता है तो उसके पति गौरव फोन उठाते है तब बुआ जी की बहू स्नेहा भाभी कहती – भैया आपके छोटे भैया की शादी पक्की हो गयी है,अगले महीने तीन तारीख की शादी है मामी जी ने बताया ही होगा।और हम ये जानते हैं । अब आपका कोई … Read more

घर की इज़्ज़त – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुप्रिया और स्वाति दोनों एक ही ऑफिस में नौकरी करती थी घर पास होने के कारण साथ में मिलकर ऑफिस जातीं थीं । उनका एक दूसरे के घर आना जाना भी लगा रहता था । सुप्रिया की बेटी मधु और स्वाति की बेटी सविता एक ही कक्षा में पढ़ती थी पर अलग अलग स्कूलों में … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती! – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

आज की घटना देखकर मुझे समझ में आ गया कि सचमुच एक हाथ से ताली नहीं बजती है!शरद की सुबह ठंड से मानो सबकुछ जमा हुआ प्रतीत होता है,उस पर से सूर्य देव का रुठना तो मानो रुधिर ही जमाने लगता है। जिस सूरज की तपन गर्मी में तन-बदन को झुलसा देती है,उसी सूर्य को … Read more

*नीरवता* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    रात्रि की नीरवता में अचानक मोबाइल की घंटी बजना यकायक मन मे एक घबराहट पैदा कर देती है।मन मे शंका पैदा हो जाती है कि कोई बुरा समाचार तो नही सुनना पड़ेगा।ऐसे ही  देर रात में अंशुल के फोन पर घण्टी बजी तो उसने हड़बड़ाकर मोबाइल उठा लिया। उधर से मिश्रा जी बोल रहे थे।मिश्रा … Read more

घर की इज़्ज़त – रश्मि सिंह : Moral Stories in Hindi

कपिल-राशि मेरी घड़ी कहाँ है, मेरी पर्स भी नहीं दिख रही । राशि-आ रही हूँ । राशि रसोईघर से भागती हुई कमरे की ओर दौड़ी । कपिल-घर में इतने नौकर है लेकिन जब देखों किचन में घुसी रहती हो, मेरी चीज़ों का कोई ध्यान नहीं है तुम्हें। शादी करके क्या तुम्हें देखने के लिए लाया … Read more

ऋण – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

आज अम्मा की पहली बरसी थी।अम्मा ने हम सबसे कहा था “मुझे कभी मरा हुआ मत समझना, मैं तुम्हारे आसपास ही रहूंगी। मेरी जिंदगी मेरे बच्चे हैं इसलिए मेरा जन्मदिन हमेशा मानते रहना।” ऐसा संयोग हुआ कि जिस दिन अम्मा का जन्मदिन था उसी दिन उनकी मृत्यु भी हुई थी। एकदम ठीक थीं अम्मा लेकिन … Read more

पड़ोसी या परिवार? – एम. पी. सिंह : Moral Stories in Hindi

सुमित ओर उसकी बीवी डिफेंस कॉलोनी में रहते थे ओर दोनो काफी मिलनसार थे।कहने को तो उनका पूरा परिवार था, 2 भाई, 1 बहन और उनके बच्चे। उनका बेटा अतुल, उनकी बहू ओर उनकी बेटी। सुमित के दोनो भाई नोकरी करने दूसरे शहर चले गऐ ओर वही सैटल हो गए। बहन भी शादी दूसरे शहर … Read more

कलंक बना तिलक – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

“आप ऐसा कैसे कर सकते हैं ” मेरे घर की इज्जत का सवाल है भाई साहब मैं अपने घर-परिवार नाते -रिश्तेदारों से क्या कहूंगी आप लोगों ने शादी क्यों तोड़ दी भाई साहब मेरी बेटी बदनाम हो जाएगी हम समाज में क्या मुंह दिखाएंगे?” गायत्री जी ने घबराई हुई आवाज में कहा  ” मैं मजबूर … Read more

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