कर्मा (जीवन का सार) – एम.पी. सिंह : Moral Stories in Hindi

बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज के दूसरे साल में था। कॉलेज के बाहर एक टपरी पर चाय पी रहा था औऱ फर्स्ट ईयर के एक लड़के का इंट्रो ले रहा था। तभी देखा कि एक लड़का साइकिल पर तेजी से आता हुआ अनबेलेन्स होकर हमारे सामने गिर गया। ढलान की वजह से … Read more

एक अनकही दोस्ती – विवेक सूद : Moral Stories in Hindi

ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अचानक बनते हैं, जैसे हवा में कोई सुगंध फैल जाए और आप इसे महसूस किए बिना नहीं रह पाते। ऐसा ही रिश्ता मेरी और सिया की दोस्ती का था। मैं ऑफिस में एक टीम मैनेजर था और वह मेरी टीम में नई ट्रेनी। धीरे-धीरे हमारी बातचीत बढ़ी और दोस्ती का रिश्ता … Read more

शुभारंभ – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

सेंटर टेबल पर रखे सांची का पत्र पढ़कर श्रीधर बाबू कटे वृक्ष के समान भूमि पर गिर गए। हाथों में सांची का पत्र खुला पड़ा था और उनकी आंखें जैसे पत्थर हो गईं थी। उनकी यह अवस्था देखकर उनकी पत्नी सुमित्रा जी दौड़कर आ पहुंची और उन्हें जब झकझोरते हुए पूछने लगी, “- क्या हुआ … Read more

धन्य माई – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

सुबह उठकर साफ  साड़ी पहनकर नियम पूर्वक मंगरी मां ने अपने पूर्वजों  को दातून  दिया , फिर सभी को सलामती के लिए  पूजा की । अब बारी थी है दिन की तरह उसे भीख मांगने जाना था । हां मंगरी मां रोज भीख मांगने जाति थी  उसका पति  छः महीने की मंगरी और पांच साल … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  चारों तरफ से निराशा हाथ लगने के बाद शुभा उस इलाके के पंडित से मिली जो लड़के-लड़कियों की शादी करवाने के लिए प्रसिद्ध थे।     बेसहारा विधवा दो-तीन वर्षों से अपनी बेटी की शादी के लिए परेशान थी। वह अपने घर में ही घरेलू उद्यम करके कुछ उपार्जन करती थी, जिससे उसकी परवरिश होती थी।     उसने … Read more

मीठी तकरार – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

महिमा , कल कौन मेहमान आए थे तुम्हारे यहाँ ? मैं तो बुनाई का डिज़ाइन सीखने आई थी पर दरवाज़े पर बड़ी सी गाड़ी देखकर रुक गई , कान से लगाए तो अंदर से बहुत लोगों की आवाज़ आई… बस वहीं से उल्टे पाँव चली गई । हाँ… वे अंजलि के पीहर वाले आए थे … Read more

घर की इज्जत – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधारमण जी शहर के जाने माने व्यापारी थे।जिनका भरा पूरा परिवार था।पत्नी रजनी,3 बेटे नरेश,महेश,  सुरेश और दो बेटियां मीरा और रिया खुशहाल परिवार था।तीनों बेटे पिता के व्यापार में सहयोग करते बेटियां पढ़ रही थी।राधारमण जी अब बच्चो के विवाह की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते थे। उन्होंने अपने मित्र श्याम प्रकाश की पुत्री … Read more

*घर की इज्जत का मापदंड* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

घर की इज्जत बचाए रखना परिवार के हर सदस्य का दायित्व है। पर यह घर की इज्जत है क्या? किसी के लिए घर की इज्जत का अर्थ सिर्फ बहू, बेटियों को घर की मर्यादा में रखने तक है। तो  किसी के लिए सिर्फ बहुओं की मर्यादा तक सीमित है। किसी परिवार में घर का हर … Read more

तीखे बोल – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ भाभी आपको घर की इज़्ज़त की जरा भी परवाह नहीं है पर हमें अपने घर की इज़्ज़त बहुत प्यारी है आप अपना ये सिलाई मशीन अंदर ले जाइए और अपने घर के अंदर ही जो करना है करिए… यहाँ बाहर बरामदे में ये सब काम हम नहीं करने देंगे ।”वरूण की बात सुन कर … Read more

मै भी तो एक बेटी हूं – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

अरे रश्मि बेटा आज भी इतनी जल्दी उठ गई, आज तो रविवार है , आराम से उठ जाती। रोज़ तो पांच बजे उठती हो बच्चों के स्कूल की वजह से, रश्मि की सास आशा जी बोली मम्मी आपको और पापाजी को उठते ही चाय और गर्म पानी चाहिए इसलिए मैं उठ गई । आज सर्दी … Read more

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