कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

माधवी अपने कमरे से निकल कर माँ को आवाज़ देती है कि माँ जल्दी से लंच बॉक्स दे दीजिए सुनीता आ रही होगी । हो गया है बेटा ला रही हूँ कहती हुई सरस्वती बॉक्स उसके हाथ में थमा कर कहती है कि जल्दी आ जाना बिटिया देरी करोगी तो मेरा दिल बैठा जाता है … Read more

कुंभ की यात्रा का सौभाग्य – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

शुभा पिछली बार अर्ध कुंभ स्नान का पुण्य प्राप्त कर चुकी थी।पति की तबीयत ठीक नहीं थी,तब। कॉलोनी में रहने वाली राठौर भाभी से बातों-बातों में जाने की इच्छा जाहिर की थी शुभा ने।अगले ही हफ्ते टिकट बुक हो गया था उसका उनके परिवार के साथ। प्रयागराज दर्शन के साथ-साथ काशी विश्वनाथ जी के दर्शन … Read more

अनकहा दर्द – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

********** पार्थिव की कम्पनी में इंटरव्यू चल रहे थे। अचानक कमरे में एक सुरीली आवाज गूॅज गई – ” मे आई कम इन सर।” ” यस।” चयनकर्ताओं की टीम में से एक ने कहा। पार्थिव को लगा कि यह स्वर तो बहुत जाना पहचाना है और जब उसने सामने देखा तो अवाक रह गया। यहॉ … Read more

“अनकहा दर्द” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मानसी तकिये में सर छुपा कर फूट फूट कर रोने लगी। रोने के सिवाय कर भी क्या सकती थी उसके पास कोई और चारा भी नहीं था।? रोहन कह रहा था।मम्मी आपके बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता कल आप चली जाओगी, बोलो ना फिरकब आओगी, मेरा यहां बिल्कुल मन नहीं लगताऔर वह कहते कहते … Read more

स्वप्नों के ताने बाने – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज मां से सारी बात साफ साफ कह दूंगा ।कह दूंगा मैंने पढ़ाई अच्छे से नहीं की।कह दूंगा कि पिछले सेमेस्टर में दो पेपर में मेरा बैक लग गया है।कह दूंगा कि आप लोग जो रुपए मेरी एक्स्ट्रा कोचिंग की फीस के लिए भेजते थे उन रुपयों से मै दोस्तों के साथ पार्टी करता था… … Read more

खामोशी और खालीपन – स्वाती जितेश राठी : Moral Stories in Hindi

स्नेह अपना बैग पैक करो   तुम्हें अभी रात की ट्रेन  से इन्दौर निकलना है। अरे !पर ऐसे अचानक क्यों ? सब ठीक है ना वहाँ? स्नेह का मन अनजानी आशंका से काँपने लगा था। देखो यहाँ बैठो और आराम से  मेरी बात सुनो !   पापा को एडमिट  किया था  हास्पिटल  में एक हफ्ते … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – ममता सिंह : Moral Stories in Hindi

घड़ी की सूइयाँ रात के तीन बजा रही थीं। बाहर घना अंधेरा था और अंदर उतनी ही गहरी ख़ामोशी थी। राजन की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह कुर्सी पर बैठा सामने रखी शराब की बोतल को घूर रहा था। हर घूंट के साथ एक चेहरा उसकी आँखों के सामने आता— एक खूबसूरत … Read more

असली मुजरिम – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

श्रुति! तुमने बहुत दिनों से लौकी के कोफ़्ते नहीं बनाए , इस संडे बना लो …मैं लौकी घिसने में मदद कर दूँगा ।  श्रुति ने पति वैभव की बात का कोई जवाब नहीं दिया और वह सोने के कमरे में चली गई । उसने अलमारी से कंबल निकाला । वैसे रसोई का काम करते समय … Read more

रक्षाबंधन – नरेश वर्मा : Moral Stories in Hindi

  नाम तो उसका मनोरमा था पर उसकी पहचान हमारे मोहल्ले में मुन्नी नाम से थी।जिस मध्यमवर्गीय मोहल्ले में हमारा मकान था उससे एक घर छोड़ मुन्नी का परिवार रहता था।मुन्नी के पिता स्थानीय कचहरी में किसी वकील के मुंशी थे।मुन्नी की उम्र उन दिनों १४ या १५ रही होगी। मुन्नी का भाई नहीं था उससे … Read more

बट्टा लगना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रुचि सावले रंग की बहुत समझदार लड़की थी। अपने साथ काम करने वाले रमन से उसको प्यार हो गया था । रमन बहुत ही गोरा और सुंदर था। रमन, और उसके परिवार वाले ,रुचि की  पोस्ट और पैसों को देख उन दोनों की  शादी के लिए तैयार हो गए। दोनो की शादी अच्छे से हो … Read more

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