कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

जाओ बेटा तुम दोनों आपस में बातें कर लो, हम अपनी बातें करते हैं तुम्हें भी तो आपस में थोड़ा समझ लेना चाहिए, एक दूसरे की प्रकृति के बारे में। लड़के वाले शर्मा जी और मिसेज शर्मा ने अपने बेटे से कहा। मिसेज शर्मा अपनी बात जारी रखते हुए बोलीं, लड़की तो हमें पसंद है … Read more

विष उगलना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

महाभारत युद्ध में मद्र-नरेश शल्य पांडव पुत्र नकुल और सहदेव के मामा थे। महाभारत युद्ध अवश्यंभावी होने पर राजा शल्य भी पांडवों की ओर से युद्ध में शामिल होने के लिए कुरुक्षेत्र की ओर चल पड़े। यात्रा  के दौरान जब वे हस्तिनापुर  पहुॅंचे,तो उन्होंने वहाॅं बहुत बड़ा विश्राम स्थल देखा ।उस विश्राम स्थल में अपना … Read more

चन्दन – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

लगभग सात वर्ष की आयु रही होगी; चंदन की, जब उसके माता-पिता उसे इस संसार में अकेला और बेसहारा छोड़ कर चले गए। चंदन के मामा मनोहर बाबू चंदन को अपने साथ ही हमेशा के लिए शहर ले आये थे। चंदन को देखकर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कंचन को इस बात से गहरा सदमा लगा कि … Read more

कांच की चूङियां – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सर्दियों के मौसम में गुनगुनाती धूप में आस-पड़ोस के सभी लोग एक साथ बैठे हुए हुए थे… कभी कोई आंटी अपने आंवले का आचार की रेसिपी बता रही थी..  कोई कह रहा था आज मिर्ची का अचार डालना है ..  इसलिए अपने छोटे-छोटे काम बाहर लाकर एक पट्टी पर सभी औरतें बैठ जाती है और … Read more

बुढापे की लाठी सुपात्र बेटी – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

लोकपरिवहन बस के कंडेक्टर ने तेज आवाज लगाई “गंगा पुर…. गंगापुर….गंगापुर!” प्रकाश बस से उतरा । वह शहर से अपनी बेटी के नामकरण संस्कार की सामग्री का थैला थामे अपने घर की ओर रवाना हो गया ।  वह एक मध्यम वर्गीय मौहल्लै में अपनी पत्नी आशा व बेटी सुमित्रा के साथ रहता था । पति-पत्नी … Read more

मन का मैल – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

डिंग डांग डोर बेल बजी तो सुभाषिनी बिस्तर से उठ कौन हैं कह कर दरवाजा खोलने चल पड़ी सोचती जा रही थी इस भरी दोपहरी भला कौन आया होगा दरवाजा खोलते ही अवाक रह गई रत्ना कह कर सुभाषिनी रत्ना के गले लग कर रो पड़ी पूरे तीन साल बाद रत्ना को देख रही थी … Read more

बिंदी – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

 भाई साहब बिंदी भी क्या चीज है । नारी के माथे पर लगे तो नारी का श्रृंगार पुरूष के माथे पर लगे तो तिलक  । बिंदी को नारी के सुहाग का प्रतीक माना जाता है। सच कहू तो ब्रम्हांड का आकार भी तो बिंदी के समान है । जीवन के आरंभ में भी बिंदी और … Read more

“अनकहा दर्द” – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

मैं स्कूल जा रही थी ड्राइवर अंकल के साथ। जाते समय सड़क किनारे एक बूढ़ी अम्मा दिखाई दी जो सर्दी में कपकपा रही थी। उनके शरीर पर एक छोटा सा कंबल था जो उनको पूरी सर्दी से बचाने में असमर्थ हो रहा था। मेरे मन में इनको देखकर बहुत दुख हुआ मेरा मन दर्द से … Read more

निस्वार्थ भाव – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

  घर चलो अजय, मां ने दोपहर का खाना तैयार करके रखा होगा… तुम भी खा लेना… नहीं तो फिर बाहर का खाना खाओगे और रोज बाहर का खाना हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता…. रवि ,तुम कब तक मुझे रोज यूं ही घर ले जाकर खाना खिलाते रहोगे??? अजय तुम ऐसा क्यों सोचते हो??? … Read more

आपबीती – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

जया और मैं अपनी अपनी बेटी को लेकर.. रोज पार्क जाते एक नियत समय पर! दोनों बच्चियां खेलती रहतीं और हम लोग भी क्वालिटी टाइम स्पेंड करते! इधर तीन-चार दिनों से जया की मां का लगातार फोन आ रहा था.. उनकी तबीयत ठीक नहीं थी.. तो जया से मिलने आने को‌ कहती रहतीं.. पर वह … Read more

error: Content is protected !!