वक़्त की सीख – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

ताईजी..ताईजी….ताईजी…. बैठिए, थोड़ा सा सूप पी लीजिए। मन नहीं है बेटा, रख दे । बाद में पी लूँगी । नहीं ताईजी, गर्म- गर्म पी लीजिए । आपने सुबह से कुछ नहीं खाया । आपके सामने ही  डॉक्टर साहब ने कहा था कि कुछ न कुछ खाते रहना । और ताईजी, बिना खाए- पिए तो दवाई … Read more

तोड़ती चुप्पियाँ – सोनिका शर्मा : Moral Stories in Hindi

नंदिता एक 28 वर्षीय महिला है, जो एक छोटी सी कंपनी में एक उच्च पद पर काम करती है। उसकी ज़िन्दगी बहुत ही सुसंगत और व्यवस्थित दिखती है। लोगों के बीच उसकी छवि एक आत्मविश्वासी और सशक्त महिला की है, जिसे अपने जीवन का नियंत्रण पूरी तरह से है। लेकिन असल में वह एक गहरी … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता है। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

   रोगियों का गांवों में इलाज करके एक सप्ताह बाद जब चतुर्भुज एक युवती के साथ अपने घर में दाखिल हुआ तो उसकी पत्नी सौम्या के मन में कुछ अनहोनी की आशंका दस्तक देने लगी। उस वक्त वह खामोश रहते हुए अपने पति को सवालिया नजर से देखा तो उसने कहा, “यह  लड़की पेशेंट है इस … Read more

पैसे का गुरूर – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

निशा के कक्ष में प्रवेश करते ही सारी सहेलियों ने उठकर उनका स्वागत किया और गले से लगा लिया । आते ही उन्होंने ऊपर की तरफ़ देखकर कहा , अरे रेखा ए ० सी ० चलाओ न ! रेखा जी ने सिर नीचा कर कहा , वो मेरे घर में ए ० सी नहीं है … Read more

अनकहा दर्द – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

दरवाजे पर ताला लगाते ही मेघना के आंख से आंसू बह निकले ।चाभी ने मकान मालिक अधिराज जी को पकड़ा दिया।और बाहर से ही खड़े खड़े मकान और उसकी चारदीवारी को निहारे जा रही थी।पांव ही नहीं आगे बढ़ रहे थे घर छोड़कर जाने की कितनी पीड़ा थी मन के अंदर ।एक अनकहा सा दर्द … Read more

अपनी ज़िम्मेदारी समझो – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” ए जी.. सुनते हैं..साक्षी आज फिर कोचिंग से अंधेरा होने पर लौटी है।मुझे तो लगता है कि ज़रूर उसका कोई..।” कांता की बात पूरी होने से पहले ही उसके पति महेश बोल पड़े,” अब चुप भी करो…।कल तक मिसेज़ कुलकर्णी की ननद के बारे में # विष उगल रही थी और आज मिसेज़ चंद्रा … Read more

संगम रिश्तो का – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

चंचल का मन हमेशा उड़ाय मान रहता तितली की तरह। मध्यम वर्गीय परिवार में पली बढ़ी चंचल सपनों की दुनियाँ कुछ ज्यादा ही ऊंची रखती। आभासी दुनियाँ देखकर मन कल्पनाओं के सागर में हिलेरों लगाता। पढ़ने लिखने में तो साधारण थी लेकिन रूप श्रृंगार में कभी पीछे नहीं रहती। उसकी सहेलियां भी सब बड़े घरों … Read more

दूसरी औरत – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

रामू ईट भट्ठे पर काम करता था। रोज ट्रक भरता ओर रोज ही पैसा मिल जाता। शाम को घर जाते समय जरूरी सामान लेकर जाता, तभी रात का खाना बनता ओर बचे हुए पैसे अपनी पत्नी कमला को दे देता। कमला लोगो के घरों में काम करती और घर खर्च में हाथ बटाती। बेटी लीला … Read more

पैसे का गुरुर – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

  शाम का अंधेरा घिरते ही आरती जल्दी जल्दी पग बढ़ाने लगी। आज चाची मुझे कच्चा खा जायेगी…उसका हृदय कांप उठा।    उसे देखते ही चाची की जहर बुझी डांट सुनाई दी  ” कहां रह गई थी करमजली… एक दिन हमारे मुंह में कालिख पोत कर रहेगी।”  आरती अपनी सफाई में कुछ कह पाती कि सामने बैठे … Read more

आग में घी डालना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रात का समय था ।ममता अपने बच्चों पति के साथ सो रही थी ।अचानक डोरवेल की आवाज आई ।ममता ने जा के दरवाज़ा खोला ,वो दंग रह गई ,बोली बुआ जी आप इतनी रात को ?क्या हुआ ,सब ठीक हैं ना? कुछ ठीक नहीं है ममता ,अब मैं यही रहूंगी ,कभी अपने ससुराल नहीं जाऊंगी … Read more

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